BJD Walks Out Of Rajya Sabha: बीजू जनता दल (BJD) के सदस्यों ने सोमवार को लोकसभा सांसद एवं भाजपा नेता निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया। सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन और आधिकारिक पत्र पटल पर रखवाए। इसके बाद बीजद नेता सस्मित पात्रा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ने पटनायक के खिलाफ अपमानजनक, गलत और मनगढ़ंत बयान दिए हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
'दुबे ने बीजू पटनायक को सीआईए एजेंट बताया'
सस्मित पात्रा ने आरोप लगाया, दुबे ने बीजू पटनायक को सीआईए एजेंट बताया है। यह सत्तारूढ़ दल के गिरते स्तर को दर्शाता है। यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि बीजद इस बयान का पुरजोर विरोध करता है और इसी के विरोध में सदन से वॉकआउट कर रहा है। बीजद के सदस्यों ने इसके बाद सदन से बहिर्गमन कर दिया। यह मुद्दा हाल के दिनों में राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है।
टिप्पणी के विरोध में सस्मित पात्रा का समिति से इस्तीफा
गौरतलब है कि सस्मित पात्रा ने शनिवार 28 मार्च, 2026 को सूचना प्रौद्योगिकी और संचार संबंधी संसदीय स्थायी समिति से भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह कदम समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में उठाया था। बीजू पटनायक ओडिशा के दो बार मुख्यमंत्री रहे (1961-63 और 1990-95) और बीजू जनता दल का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है। वह एक स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध विमान चालक थे, जिन्हें साहसिक अभियानों के लिए जाना जाता है।
टिप्पणी को बताया अपमानजनक
बताया जाता है कि उन्होंने 1947 में इंडोनेशिया के स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं को बचाने के लिए जकार्ता तक उड़ान भरी थी। इसके अलावा, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्टालिनग्राद की लड़ाई से जुड़े अभियानों में भी उनकी भूमिका रही थी। बीजद ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि तथ्यों से परे भी है। ओडिशा के दो बार मुख्यमंत्री (1961-63 और 1990-05) रहे बीजू पटनायक जाने माने स्वतंत्रता सेनानी थे। पार्टी ने इस मुद्दे पर भाजपा से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
