हरियाणा के नूंह (Nuh) में हुई हंगामे के लिए एक पक्ष गोरक्षक बिट्टू बजरंगी (Bittu Bajrangi) को जिम्मेदार ठहरा रहा है, बिट्टू बजरंगी ने 31 जुलाई को बृहमंडल यात्रा में हिस्सा लिया था, जानिए बिट्टू बजरंगी ने क्या खुलासे किए हैं। गौर हो कि हरियाणा के नूंह में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा और दंगे के बाद अब पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है।
सीसीटीवी की मदद से आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है। नूंह दंगे के कई आरोपी एक थाने में जमीन पर बैठे नजर आए हैं। इस वीडियो में दिख रहा है कि आरोपी चेहरे पर मास्क लगाकर अपना चेहरा छुपा रहे हैं। सभी नीचे की ओर देख रहे हैं। एक समाचार चैनल से बातचीत में आरोपी खुद को बेगुनाह बताते हुए कह रहे हैं कि वे घटना वाले दिन शहर में नहीं थे।
इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गयी है
गौर हो कि हरियाणा के नूंह और कुछ अन्य स्थानों पर मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे से तीन घंटे के लिए बहाल किया गया है।इन सेवाओं को पांच अगस्त तक निलंबित किया गया था।सांप्रदायिक दंगों के मद्देनजर शांति और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी अवरोध को दूर करने के लिए इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गयी है। नूंह के अलावा फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम जिले के सोहना, पटौदी और मानेसर में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगी हुई है।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को नूंह में कर्फ्यू में ढील दी
नूंह के उपायुक्त प्रशांत पंवार ने कहा, 'लोग सुबह 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक आवश्यक सामान खरीद सकते हैं।' भीड़ द्वारा विश्व हिंदू परिषद की यात्रा को रोकने की कोशिश करने के बाद सोमवार को नूंह में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर नूंह और पलवल में निषेधाज्ञा लागू है।
सांप्रदायिक हिंसा मंगलवार को गुरुग्राम में भी फैल गई
नूंह में शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा मंगलवार को गुरुग्राम में भी फैल गई और वहां भीड़ ने एक मौलवी की हत्या कर दी, एक भोजनालय में आग लगा दी और दुकानों में तोड़फोड़ की। हरियाणा सरकार के अनुसार, हिंसा में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 90 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
