Prashant Kishore begins hunger strike: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने हाल ही में आयोजित बिहार लोक सेवा परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को पटना के गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन शुरू किया। किशोर ने पटना के गांधी मैदान में यह घोषणा की। गांधी मैदान उस स्थान से कुछ किलोमीटर दूर है जहां कई पीड़ित उम्मीदवार लगभग दो सप्ताह से चौबीसों घंटे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
परीक्षा रद्द करना और नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की मांग
किशोर ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी मांगों में परीक्षा रद्द करना और नए सिरे से परीक्षा आयोजित करना शामिल है। उन्होंने कहा ‘‘मैं उन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग करता हूं, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षाओं द्वारा भरे जाने वाले पदों को खरीद-फरोख्त के लिए रखा है।’’
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा से मुलाकात के तुरंत बाद, किशोर ने सोमवार को कहा था कि वह ‘48 घंटे’ तक इंतजार करेंगे और अगर नीतीश कुमार सरकार 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं पर कोई कार्रवाई करने में विफल रही, तो आंदोलन तेज हो जाएगा।
पीके ने कहा- अगर छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो हम खड़े होंगे
प्रशांत किशोर ने यह फैसला 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं का विरोध करने वाले अभ्यार्थियों के बीच बढ़ती अशांति के बाद लिया है। इससे पहले किशोर ने बिहार सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उन छात्रों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया था, जो परीक्षा रद्द करने और नए सिरे से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "अगर छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े होंगे।"
13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी, जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने विरोध दर्ज कराने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था। इसके बाद बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर में फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया। दूसरी तरफ छात्र पूरी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए थे।
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में छात्र संसद का आयोजन किया गया था। इसके लिए लिए प्रशासन ने उनको अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद छात्र मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। पुलिस ने लाठी चार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किया था। पुलिस ने रविवार को पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन के बाद किशोर सहित 700 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
