बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद ने 'बिहार अधिकार यात्रा' निकालकर नीतीश सरकार को घेरने की कोशिश की। तेजस्वी यादव ने कई जिलों का दौरा करते हुए राज्य के मुद्दों को उठाया। यात्रा में तेजस्वी यादव जबरदस्त भीड़ जुटाने में सफल रहे।
हालांकि, सहरसा से समस्तीपुर के रोसड़ा जाने से जब पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का काफिला जैसे ही बिरौल पहुंचा, AIMIM कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। अख्तर शहंशाह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गाड़ी के आगे पहुंचकर महागठबंधन में AIMIM को शामिल करने की मांग की।
मारपीट में घायल हुए अख्तर शहंशाह
स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान धक्का-मुक्की और हल्की मारपीट की नौबत आ गई। AIMIM कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने उनके नेता अख्तर शहंशाह के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गए। उन्हें पहले बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल और फिर गंभीर हालत में डीएमसीएच रेफर किया गया।
घटना के बाद नाराज कार्यकर्ताओं ने बिरौल के कोठी पुल के पास सड़क जाम कर दिया और तेजस्वी यादव के पोस्टर-बैनर फाड़ दिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे सुबह से इंतजार कर रहे थे, लेकिन तेजस्वी यादव काफिले से नीचे नहीं उतरे और बिना संवाद किए समस्तीपुर के लिए रवाना हो गए।
घायल कार्यकर्ताओं ने क्या कहा?, AIMIM कार्यकर्ता, गुड्डू ने बताया ,“हम लोग सुबह से इंतजार कर रहे थे, तेजस्वी यादव जी से मिलना चाहते थे। लेकिन उनके सुरक्षाकर्मियों ने हमें धक्का-मुक्की कर हटाया और हमारे नेता को घायल कर दिया।” वहीं, अख्तर शहंशाह ने कहा, “हमारी सिर्फ मांग थी कि AIMIM को भी महागठबंधन में जगह दी जाए। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने हमारे साथ मारपीट की।”
