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क्या नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में आएंगे? बिहार के लोगों से खुद की ये अपील

Bihar Politics: क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी राजनीति में अपनी किस्मत आजमाएंगे? इस सवाल का जवाब जब मीडिया ने निशांत से पूछा तो उन्होंने इसका जवाब दिए बिना वो वहां से चले गए। आपको बताते हैं कि उन्होंने अपने पिता के बारे में क्या कुछ कहा।

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नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार।

Will Nitish Kumar's son Nishant Kumar join politics: बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर है। वो ये दावा कर रहे हैं कि नीतीश की तबीयत अब ठीक नहीं है। जिसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत का बड़ा बयान सामने आया है। एक सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या नीतीश के बेटे निशांत राजनीति में आने वाले हैं? आपको इस रिपोर्ट में सबकुछ बताते हैं।

क्या सचमुच नीतीश कुमार अस्वस्थ्य हैं?

जब नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार से ये सवाल पूछा गया कि तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अस्वस्थ हैं, इस पर उन्होंने कहा नहीं वो बिल्कुल हंड्रेड परसेंट (100 फीसदी) स्वस्थ है और अच्छे हैं।

निशांत कुमार ने बिहार की जनता से की अपील

सीएम के बेटे निशांत ने एक बार फिर बिहार की जनता से अपील की है कि उनके पिता पर भरोसा दिखाया जाए। उन्होंने कहा मेरे पिताजी नीतीश कुमार ने 19 साल बिहार का बहुत विकास किया है, मैं फिर बिहार की जनता से अपील करता हूं कि हमारे पिता को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाएं और उन्हें 2025 के चुनाव में जिताये उनको वोट करें।

क्या राजनीति में आएंगे नीतीश के बेटे निशांत?

क्या नीतीश कुमार की विरासत को उनके बेटे निशांत आगे ले जाएंगे? इस पर फिलहाल संशय बरकरार है। जब निशांत से पूछा गया कि आप राजनीति में आएंगे तो उन्होंने इस सवाल पर बिना कोई जवाब दिये आगे बढ़ गए।

नीतीश कुमार ने विकास परियोजनाओं का लिया जायजा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा शुक्रवार को पटना जिले के मनेर प्रखंड के शेरपुर गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल था और लोग मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए सड़कों के किनारे खड़े नजर आए। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक लोकगीतों के साथ सीएम नीतीश कुमार का स्वागत किया।

शेरपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने भरोसा दिया कि सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। बिहार के विकास और आम जनता की बेहतरी के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। इस दौरान, नीतीश कुमार ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया। मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने शेरपुर और आसपास के क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की सीएम नीतीश कुमार को जानकारी दी।

भाजपा में एक गुट नहीं बल्कि चार गुट सक्रिय हैं- तेजस्वी

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजद के तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा में एक गुट नहीं बल्कि चार गुट सक्रिय हैं। गठबंधन के दोनों दलों के बीच कोई जमीनी तालमेल नहीं है। भाजपा केवल सरकार में बने रहने के लिए डील करती है। साक्षरता के मामले में बिहार सबसे पीछे है। प्रति व्यक्ति आय में और किसानों के मामले में बिहार सबसे पीछे है। बेरोजगारी, पलायन, गरीबी सब मामलों में बिहार काफी पिछड़ा हुआ राज्य है। जनता ने एनडीए सरकार को कई बार सेवा का अवसर दिया लेकिन वे नाकाम साबित हुए हैं। जनता भी देख रही है कि किन लोगों ने जनता के साथ विश्वासघात किया है। ऐसे लोगों को सजा देने का समय आ गया है। बिहार की जनता स्थिर और नई सरकार चाहती है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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