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भोजशाला परिसर विवाद मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट; हिंदू पक्ष ने दाखिल की कैविएट, सुनवाई के दौरान पक्ष सुनने की अपील

Bhojshala Verdict: भोजशाला परिसर विवाद मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का फैसला सामने आने के बाद हिंदू पक्ष ने उच्चतम न्यायालय में कैविएट दाखिल की है।

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उच्चतम न्यायालय (फाइल फोटो)

Bhojshala Verdict: भोजशाला परिसर विवाद मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का फैसला सामने आने के बाद हिंदू पक्ष ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। हिंदू पक्ष ने शीर्ष अदालत में शुक्रवार को कैविएट दाखिल की और कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई के दौरान उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

क्या है कैविएट?

कैविएट अदालत में दाखिल की जाने वाली एक कानूनी याचिका है जिसके जरिए अदालत से अनुरोध किया जाता है कि हमारा पक्ष सुने बगैर कोई फैसला न पारित किया जाए। आमतौर पर कैविएट तब दाखिल की जाती है जब किसी पक्ष को यह आशंका होती है कि दूसरा पक्ष अदालत में कोई अपील या याचिका दायर कर सकता है, तब वह पहले से ही कैविएट दाखिल कर देता है।

परिसर में नमाज अदा करने का आदेश रद्द

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए हिंदू समुदाय की दो जनहित याचिकाएं मंजूर कर लीं और इस मध्यकालीन स्मारक की धार्मिक प्रकृति देवी सरस्वती के मंदिर के तौर पर तय की। इसके साथ ही अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें मुस्लिमों को हर शुक्रवार भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी।

हाई कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

हाई कोर्ट की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी ने इस मामले से संबंधित पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर फैसला सुनाया। खंडपीठ ने कहा, ''भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद के विवादित परिसर का धार्मिक चरित्र वाग्देवी (सरस्वती) के मंदिर के रूप में तय किया जाता है।''

अदालत ने विवादित स्मारक में एएसआई के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और रिकॉर्ड पर मौजूद अन्य दस्तावेजों के हवाले से कहा कि स्मारक परमार राजवंश के राजा भोज से जुड़ा था।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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