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गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में दिखेगी भारत की ताकत, नजर आएंगे भैरव बटालियन और सूर्यस्त्र रॉकेट लॉन्चर सिस्टम सहित कई घातक हथियार

परेड मे कई नए हथियार शामिल किए जाएंगे, जिनमें नया रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 'सूर्यस्त्र' और हाल ही में गठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन भी शामिल हैं। भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जिसका गठन अक्टूबर 2025 के आसपास हुआ था और इसने 15 जनवरी को जयपुर की सेना दिवस परेड में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की थी।

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गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी भारत की ताकत

Photo : PTI

Republic Day 2026 Parade: गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में भारत की ताकत की झलक पूरी दुनिया देखेगी। परेड में कई नए घातक हथियार और बटालियन नजर आएगी। परेड मे कई नए हथियार शामिल किए जाएंगे, जिनमें नया रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 'सूर्यस्त्र' और हाल ही में गठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन भी शामिल हैं। यह परेड दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार के नेतृत्व में होगी।

ब्रह्मोस से लेकर आकाश मिसाइल सिस्टम तक

परेड में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, मध्यम दूरी की सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइल (MRSAM), उन्नत टॉव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप, शक्तिबान और कुछ ड्रोन का प्रदर्शन भी किया जाएगा। पीटीआई ने दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ, मेजर जनरल नवराज ढिल्लों के हवाले से बताया कि परेड में लगभग 6,000 रक्षाकर्मी शामिल होंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा परेड के मुख्य अतिथि होंगे, जिसका विषय 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' होगा।

गणतंत्र दिवस पर कई नई चीजें दिखेंगी

रीमाउंट वेटरनरी कोर (RVC) की टुकड़ी का नेतृत्व करने जा रहीं कैप्टन हर्षिता राघव ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड में कई नई चीजें शामिल होंगी, जिनमें डीप-स्ट्राइक क्षमता से लैस रॉकेट लॉन्चर 'सूर्यस्त्र', नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन, चार जांस्कर टट्टू (Zanskar ponies), दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार चील और कुछ सेना के कुत्ते शामिल हैं। यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (URLS) 'सूर्यस्त्र' 300 किलोमीटर तक की दूरी से सतह से सतह पर मार करने में सक्षम है।

भैरव लाइट कमांडो बटालियन आएगी नजर

रिपोर्ट के अनुसार, भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जिसका गठन अक्टूबर 2025 के आसपास हुआ था और जिसने 15 जनवरी को जयपुर की सेना दिवस परेड में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की थी, उसे पैदल सेना और विशेष बलों के बीच अंतर को पाटने के लिए शामिल किया गया है। युद्ध सामग्री से लैस 61वीं कैवलरी के घुड़सवार दल के सदस्य, स्वदेशी प्लेटफार्मों सहित प्रमुख सेना संपत्तियों और कर्मियों के साथ कर्तव्य पथ पर औपचारिक गणतंत्र दिवस परेड में चरणबद्ध युद्ध संरचना में अपनी पहली परेड करेंगे।

युद्ध परिदृश्य जैसा होगा नजारा

चरणबद्ध युद्ध संरचना के तहत, सेनाएं औपचारिक मार्ग पर उसी तरह आगे बढ़ेंगी जैसे किसी भी युद्ध परिदृश्य में होती हैं। सबसे पहले टोही दल आगे बढ़ेगा, उसके बाद रसद और इन दलों के साथ आने वाले अन्य सैन्य बल जैसे कि रसद और कर्मी शामिल होंगे, जो युद्ध सामग्री से लैस दिखाई देंगे। 61वीं कैवलरी, अपनी औपचारिक वर्दी और आकर्षक टोपी में पारंपरिक रूप से हर साल सशस्त्र बलों की परेड में अग्रणी टुकड़ी रही है। इस बार यह पहली बार युद्ध सामग्री में दिखाई देगी।

शक्तिबान रेजिमेंट की दिखेगी झलक

शक्तिबान रेजिमेंट, जिसे तोपखाने में स्थापित किया गया है और ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लोइटर मुनिशन से लैस किया गया है, परेड में पहली बार भाग लेगी।

भारी थर्मल गियर से लैस मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी भी कर्तव्य पथ पर परेड में पहली बार दिखाई देगी। दो चरणों में आयोजित होने वाले इस समारोह में कुल 29 विमानों का फ्लाईपास्ट होगा, जिनमें राफेल, Su-30, P8I, MiG-29, अपाचे, LCH (लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर), ALH (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर), Mi-17 हेलीकॉप्टर विभिन्न संरचनाओं में और परिवहन विमान C-130 और C-295 शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि लगभग 90 मिनट तक चलने वाली इस परेड में कुल 18 परेड टुकड़ियां और 13 बैंड भी भाग लेंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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