Bengaluru-Mysuru Expressway: कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (12 मार्च, 2023) को मांड्या जिले में मेगा रोडशो के बाद बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को देश के समर्पित करते हुए कहा- इंफ्रास्ट्रक्चर अपने साथ सिर्फ सुविधा नहीं लाता... ये रोजगार लाता है, निवेश लाता है, कमाई के साधन लाता है। बीते वर्षों में सिर्फ कर्नाटक में ही हमने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हाई-वे से जुड़े प्रोजेक्ट्स में पूंजी निवेश किया है।
वह आगे बोले- 2014 से पहले केंद्र की कांग्रेस सरकार ने गरीब परिवारों को तबाह करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। जो पैसा गरीब के विकास के लिए था, उसका हजारों-करोड़ रुपये कांग्रेस की सरकार ने लूट लिया था। कांग्रेस को कभी करीब के दुख-दर्द से कोई फर्क नहीं पड़ा है। बकौल पीएम, " इस हाईवे के जरिए आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ने वाली है।" उन्होंने आगे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने का सपना देख रही है। वह मोदी की कब्र खोदने में बिजी है, जबकि मोदी बेंगलुरू-मैसूर एक्सप्रेस-वे बनाने में बिजी है।
इस प्रोजेक्ट में राष्ट्रीय राजमार्ग-275 के बेंगलुरु-निदाघट्टा-मैसूरु खंड को छह लेन का बनाना शामिल है। 118 किमी लंबी इस परियोजना को लगभग 8,480 करोड़ रुपए की कुल लागत से तैयार किया गया है। खास बात है कि इस एक्सप्रेस-वे के जरिए बेंगलुरु और मैसूर के बीच यात्रा का समय लगभग तीन घंटे से घटकर करीब 75 मिनट हो जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से चार रेल ओवरब्रिज, नौ महत्वपूर्ण पुल, 40 छोटे पुल और 89 अंडरपास और ओवरपास का विकास होगा।
सूबे को और क्या देंगे सौगात?
मैसूरु-कुशलनगर के बीच चार लेन के राजमार्ग की आधारशिला रखी जाएगी। 92 किमी लंबी सड़क परियोजना तकरीबन 4,130 करोड़ रुपए की लागत से बनी है। यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु के साथ कुशलनगर की कनेक्टिविटी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा और उनके बीच यात्रा के समय को करीब पांच घंटे से घटाकर सिर्फ ढाई घंटे करने में मदद करेगा।पीएम हुबली-धारवाड़ में आईआईटी धारवाड़ को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसकी आधारशिला उन्होंने फरवरी 2019 में रखी थी। 850 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से इसे तैयार किया गया है। मौजूदा समय में यह संस्थान चार साल के बी.टेक कार्यक्रम, पांच वर्षीय बीएस-एमएस कार्यक्रम, एम.टेक और पीएच.डी. कार्यक्रम ऑफर करता है।
वह रेलवे नेटवर्क के होसपेटे-हुबली-तिनाईघाट खंड के विद्युतीकरण और होसपेटे स्टेशन के उन्नयन को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम हुबली-धारवाड़ स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल अनुमानित लागत करीब 520 करोड़ रुपए है। वह जयदेव अस्पताल और अनुसंधान केंद्र की भी आधारशिला रखेंगे।
क्षेत्र में जल आपूर्ति को और बढ़ाने के लिए मोदी धारवाड़ बहु ग्राम जलापूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे, जिसे 1,040 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया जाएगा। वह तकरीबन 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाली तुप्पारीहल्ला बाढ़ क्षति नियंत्रण परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। परियोजना का मकसद बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करना है।
प्रधानमंत्री श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली स्टेशन पर दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म को भी देश को समर्पित करेंगे। इस रिकॉर्ड को हाल में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से भी मान्यता मिली। लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से 1,507 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म बनाया गया है।
2023 यह PM का छठा दौरा
वैसे, यह इस साल सूबे की उनकी छठी यात्रा है। मांड्या में पीएम की मौजूदगी सियासी तौर से भी अहम है, क्योंकि राज्य में मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।दरअसल, मांड्या (जिला) पुराने मैसूरु क्षेत्र का प्रमुख हिस्सा है। यह पारंपरिक रूप से जेडी(एस) का गढ़ है। जिले में सात विस क्षेत्र हैं, जबकि एक को छोड़कर सभी पर जेडी(एस) का कब्जा है। बीजेपी 2019 के उप-चुनावों में एक सीट (केआर पेट) जीतकर मांड्या जिले में पैठ बना पाई थी। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
