देश

Bengal SSC Scam : माणिक की गिरफ्तारी को SC ने सही ठहराया, हिरासत में ही रहेंगे TMC नेता

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 20, 2022, 11:24 AM IST

Manik Bhattacharya : शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस के नेता माणिक भट्टाचार्य को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने माणिक की गिरफ्तारी को सही ठहराया है।

Image

बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार हैं माणिक भट्टाचार्य।

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
शिक्षक भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के नेता माणिक भट्टाचार्य को झटका लगा है
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी है, माणिक बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हैं
ईडी ने कुछ दिनों पहले टीएमसी नेता को गिरफ्तार किया, अभी हिरासत में रहेंगे

Manik Bhattacharya : शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस के नेता माणिक भट्टाचार्य को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने माणिक की गिरफ्तारी को सही ठहराया है। अदालत के इस फैसले के बाद माणिक ईडी की हिरासत में ही रहेंगे। शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने कुछ दिनों पहले टीएमसी नेता को गिरफ्तार किया। इससे पहले मामले में माणिक की ओर से दायर अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने गत मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट से राहत नहीं मिलने से टीएमसी नेता को एक बड़ा झटका लगा है।

सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने की इजाजत

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ाने के लिए सीबीआई को इजाजत दे दी। सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल राजू ने दलील दी कि जांच एजेंसी असाधारण पहलुओं वाले एक भर्ती घोटाले का पर्दाफाश करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। साथ ही, इस समय जांच से प्रथम दृष्टया यह खुलासा होता है कि नियुक्तियों में धन का लेनदेन हुआ। कोर्ट उनके इस तर्क से सहमत हो गया।

सीबीआई को चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करना है

कोर्ट ने कहा कि घोटाला मामले में एसआईटी के तहत काम कर रही सीबीआई की टीम अपनी जांच कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल पीठ के आदेश के अनुसार जारी रखेगी। अदालत ने सीबीआई को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर सौंपने का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने भट्टाचार्य को थोड़ी राहत दी। कोर्ट ने जांच एजेंसी से कहा कि इस दौरान वह टीएमसी नेता को परेशान करने वाला कोई कदम नहीं उठाएगी। न्यायालय ने इस बात का जिक्र किया कि सीबीआई की तरफ से यह आरोप नहीं लगाया गया है कि भट्टाचार्य जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

भट्टाचार्य की अर्जी का सीबीआई ने किया विरोध

कलकत्ता हाई कोर्ट ने भट्टाचार्य को सीबीआई के सामने पेश होने के लिए आदेश दिया था। इससे राहत पाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अहम मोड़ पर है और टीएमसी नेता साजिश के सरगना हैं।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें