Manik Bhattacharya : शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस के नेता माणिक भट्टाचार्य को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने माणिक की गिरफ्तारी को सही ठहराया है। अदालत के इस फैसले के बाद माणिक ईडी की हिरासत में ही रहेंगे। शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने कुछ दिनों पहले टीएमसी नेता को गिरफ्तार किया। इससे पहले मामले में माणिक की ओर से दायर अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने गत मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट से राहत नहीं मिलने से टीएमसी नेता को एक बड़ा झटका लगा है।
सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने की इजाजत
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ाने के लिए सीबीआई को इजाजत दे दी। सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल राजू ने दलील दी कि जांच एजेंसी असाधारण पहलुओं वाले एक भर्ती घोटाले का पर्दाफाश करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। साथ ही, इस समय जांच से प्रथम दृष्टया यह खुलासा होता है कि नियुक्तियों में धन का लेनदेन हुआ। कोर्ट उनके इस तर्क से सहमत हो गया।
सीबीआई को चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करना है
कोर्ट ने कहा कि घोटाला मामले में एसआईटी के तहत काम कर रही सीबीआई की टीम अपनी जांच कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल पीठ के आदेश के अनुसार जारी रखेगी। अदालत ने सीबीआई को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर सौंपने का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने भट्टाचार्य को थोड़ी राहत दी। कोर्ट ने जांच एजेंसी से कहा कि इस दौरान वह टीएमसी नेता को परेशान करने वाला कोई कदम नहीं उठाएगी। न्यायालय ने इस बात का जिक्र किया कि सीबीआई की तरफ से यह आरोप नहीं लगाया गया है कि भट्टाचार्य जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
भट्टाचार्य की अर्जी का सीबीआई ने किया विरोध
कलकत्ता हाई कोर्ट ने भट्टाचार्य को सीबीआई के सामने पेश होने के लिए आदेश दिया था। इससे राहत पाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अहम मोड़ पर है और टीएमसी नेता साजिश के सरगना हैं।
