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कर्नाटकः बेलगावी कांड पर राजनीति तेज! विरोध में BJP का प्रदर्शन, कोर्ट ने कहा- मदद को कोई न आया, यह 'दुर्योधन की दुनिया'

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 16, 2023, 07:22 AM IST

Belagavi Stripping Case: इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेलगावी में एक महिला के साथ मारपीट और उसे निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना को लेकर शुक्रवार को कर्नाटक सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में एससी (अनुसूचित जाति) और एसटी (अनुसूचित जनजाति) के लिए कोई न्याय नहीं है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Belagavi Stripping Case: कर्नाटक के बेलगावी कांड पर राजनीति तेज होते हुए नजर आई है। महिला को नग्न कर घुमाने के इस मामले में शनिवार (16 दिसंबर, 2023) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का राज्यव्यापी प्रदर्शन है। बीजेपी चीफ जेपी ने इसके अलावा केस के लिए पांच सदस्यों वाली फैक्ट-फाइंडिंग (तथ्यान्वेषी) कमेटी बनाई है। समिति को उस गांव का दौरा करने और एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश है, जहां यह पूरी घटना हुई थी।

राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के मुताबिक, ''फैक्ट-फाइंडिंग समिति शनिवार को बेलगावी का दौरा करेगी। पार्टी सांसद अपराजित सारंगी, सुनीता दुग्गल, रंजीता कोहली, लॉकेट चटर्जी और बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव आशा लक्रा पीड़िता से मुलाकात करेंगे। भाजपा इस मामले को गंभीरता से ले रही है।"

वह आगे बोले, ''सीएम सिद्दारमैया ने पीड़िता से मुलाकात नहीं की है। गृह मंत्री जी. परमेश्वर को छोड़कर, किसी भी कांग्रेस नेता ने वहां जाने की जहमत नहीं उठाई। यहां तक कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी इस मामले में ढिलाई के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई है।'' वहीं, नड्डा ने बताया कि जब से कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में आई है, तब से राज्य में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध हो रहे हैं।

हालांकि, घटना के बाद कांग्रेस सरकार ने पीड़िता के लिए पांच लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है, जबकि बेलगावी जिला कानूनी प्राधिकरण उसे 50,000 रुपए देगा। उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि नड्डा बेलगावी घटना का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहे हैं। वह बोले कि भाजपा शासन के तहत कर्नाटक में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कई मामले देखे गए लेकिन नड्डा उन सभी को भूल गए हैं।

सीएम के मुताबिक, "हालांकि, अब नड्‌डा ने अचानक टिप्पणी की है और घटना के चार दिन बाद इस मामले को उछालने का उनका प्रयास पीड़ित के लिए वास्तविक चिंता की बजाय राजनीतिक मकसद का संकेत देता है।" बकौल मुख्यमंत्री, “पुलिस ने 24 घंटे के भीतर अपराधियों को पकड़कर सलाखों के पीछे डाल दिया है। मैं खुद जांच पर नजर रख रहा हूं।' हमारी सरकार दोषियों को सख्त सजा देकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ऐसे अमानवीय कृत्य न हों।''

यह मामला जब कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने आया तब बेंच ने पुलिस विभाग की विफलता के लिए कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की। मुख्य न्यायाधीश पी.बी. की अध्यक्षता वाली पीठ ने 14 दिसंबर को टिप्पणी की, "बाकी महिलाओं में क्या डर होगा? वे असुरक्षित महसूस करेंगी। ऐसा महाभारत में भी नहीं हुआ था। द्रौपदी के पास भगवान कृष्ण थे, जो उनकी मदद के लिए आए थे लेकिन आधुनिक दुनिया में कोई भी उसकी मदद के लिए नहीं आया। दुर्भाग्य से यह दुर्योधन और दुशासन की दुनिया है।"

दरअसल, यह पूरी घटना 10 दिसंबर, 2023 की है। वंटामुरी गांव की रहने वाली 42 साल की महिला को उसके घर के बाहर खींच कर निर्वस्त्र कर दिया गया था। फिर उसे घुमाया गया और इतना ही नहीं उसे बिजली के खंभे से बांधकर उसके साथ मारपीट भी की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता के साथ ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उसका बेटा कथित तौर पर गांव की एक लड़की के साथ भाग गया था। गुस्साए लड़की के परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर लड़के की मां के साथ यह गलत व्यवहार किया।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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