जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल शुक्रवार (एक सितंबर, 2023) को गिरफ्तार कर लिए गए। प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) की ओर से यह कार्रवाई 538 करोड़ रुपए के कथित बैंक फ्रॉड केस के सिलसिले में की गई। सूत्रों के हवाले से इस बाबत मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले का कनेक्शन केनरा बैंक से है।
जानकारी के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत उन्हें हिरासत में लिया गया, जिसके पहले ईडी के मुंबई स्थित दफ्तर में उनसे लंबी पूछताछ की गई थी। 74 साल के गोयल को शनिवार (दो सितंबर, 2023) को मुंबई के स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह पूरा मामला एक एफआईआर से शुरू हुआ था, जो कि सीबीआई की ओर से जेट एयरवेज, गोयल, उनकी पत्नी और कंपनी के कुछ पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ 538 करोड़ रुपए के फ्रॉड केस (केनरा बैंक से जुड़ा) में दर्ज की गई थी।
ऐसा बताया गया कि बैंक की शिकायत पर इस प्राथमिकी को दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बैंक ने जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड (जेआईएल) को 848.86 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिमिट और लोन सैंक्शन किए थे, जिनमें से 538.62 करोड़ रुपए बकाया है।
सीबीआई ने कहा कि जुलाई 2021 में अकाउंट को "फ्रॉड" करार दिया गया था। बैंक ने आरोप लगाया था कि जेआईएल के फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला कि उसने कुल कमीशन खर्चों में से "संबंधित कंपनियों" को 1,410.41 करोड़ रुपए का भुगतान किया और इस तरह जेआईएल से रकम निकाल ली गई थी।
एफआईआर में कहा गया कि गोयल परिवार के व्यक्तिगत खर्च जैसे कर्मचारियों का वेतन, फोन बिल और वाहन खर्च आदि का भुगतान जेआईएल की ओर से किया गया था। जेआईएल ने इसके अलावा कथित तौर पर लोन, एडवांस और इन्वेस्टमेंट एक्सटेंडेट (विस्तारित निवेश) के रूप में सहायक कंपनी जेएलएल के लिए रकम का गलत इस्तेमाल किया था।
