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सैफ अली खान पर हमला करने वाला है बांग्लादेशी! पुलिस ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

Mumbai Police on Saif Ali Khan Attack Case: मुंबई पुलिस ने बताया है कि सैफ अली खान पर हमला करने वाला बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि उसके पास कोई भारतीय पहचान पत्र नहीं है, उसके पास कुछ चीजें मिली है को बांग्लादेशी होने की ओर इशारा करती है।

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सैफ अली खान पर हमला करने वाला है बांग्लादेशी! पुलिस ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

Bangladeshi National Arrested: अभिनेता सैफ अली खान पर उनके ही घर में हमला करने वाले 30 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि व्यक्ति चोरी के इरादे से अभिनेता के घर में घुसा था। अधिकारी ने बताया कि सैफ अली खान पर हमला करने वाले व्यक्ति को ठाणे से गिरफ्तार किया गया है। वह बांग्लादेशी नागरिक है और उसने भारत में आने के बाद अपना नाम मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद से बदलकर बिजॉय दास कर लिया था। सैफ (54) पर बांद्रा के ‘सतगुरु शरण’ बिल्डिंग की 12वीं मंजिल पर स्थित उनके घर में बृहस्पतिवार को हमलावर ने कई बार चाकू से वार किया था।

चोरी के इरादे से घर में घुसा, तब हुई ये घटना

जानकारी के अनुसार ये शख्स चोरी के इरादे से घर में घुसा था। सैफ पर हमला करने के मामले में आरोपी कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस कस्टडी मांगी जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह आरोपी बांग्लादेशी नागरिक हो सकता है ऐसा हमारा शक है। इसकी जांच कर रहें हैं, पासपोर्ट सेक्शन की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

भारतीय नागरिक होने के उसके पास वैलिड डॉक्यूमेंट नहीं है। कुछ चीजें उससे मिली है जिससे लगा है वो बांग्लादेशी है। प्राइमरी सबूत है की यह बांग्लादेशी हो सकता है। उसके पास कोई भारतीय पहचान पत्र नहीं है, उसके पास कुछ चीजें मिली हैं, जो बांग्लादेशी होने की ओर इशारा करती है। शुरुआती जांच में लगता है कि भारत में घुसने के बाद इसने नाम बदला और विजय दास नाम रखा।

आरोपी पिछले 5 से 6 महीने पहले मुंबई आया। उसके बाद कई अन्य इलाकों रहने लगा 15 दिन पहले मुंबई आया। हाउस कीपिंग एजेंसी में काम करता था।

सैफ अली खान पर हमला करने वाला कैसे पकड़ा गया?

पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 35 से अधिक टीमों का गठन किया था। शनिवार की रात 12 बजे करीब क्राइम ब्रांच और बांद्रा पुलिस को हीरानंदानी एस्टेट में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर आरोपी के होने की सूचना मिली। जिसके बाद जोन 6 के डीसीपी नवनाथ ढबले को सूचित किया गया ताकि आरोपी हाथ से न निकले। डीसीपी नवनाथ की टीम तुरंत थाने के लिए रवाना हुई, साथ में क्राइम ब्रांच की टीम भी पहुंची लेकिन आरोपी को पुलिस के आने की सूचना मिल गई थी। जिसके बाद आरोपी एक कंस्ट्रक्शन साइट पर घनी कंटीली झाड़ियों में जाकर छुप गया।

जंगल के अंदर झाड़ियों में छुपने की वजह से आरोपी को खोजने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में टॉर्च और मोबाइल टॉर्च तक का सहारा लेना पड़ा और आरोपी को चारों तरफ से झाड़ियों में क्राइम ब्रांच और पुलिस ने घेर लिया। जिसके बाद कंटीली झाड़ियों में से उसे गिरफ्तार किया गया।

फिलहाल कैसी है अभिनेता सैफ अली खान की हालत?

सैफ की आपातकालीन सर्जरी करने वाले चिकित्सकों ने बाद में उनकी रीढ़ से टूटे हुए चाकू का 2.5 इंच का टुकड़ा निकाला था। चिकित्सकों का कहना था कि अगर चाकू दो मिलीमीटर और अंदर घुस जाता तो गंभीर चोट लग सकती थी। बता दें कि गुरुवार की सुबह सैफ पर उनके बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में कई बार चाकू से हमला किया गया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोट लगने के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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