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पुलिस हिरासत में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार का बेटा; नाबालिग के साथ दुष्कर्म का है आरोप

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे को बंदी भगीरथ साई के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपों को लेकर जांच जारी है।

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बीजेपी नेता बी संजय कुमार (PTI)

पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोपों का सामना कर रहे केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे को बंदी भगीरथ साई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। भगीरथ पर एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का आरोप है। इससे पहले, केंद्रिय मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को जांच के लिए वकील के माध्यम से पुलिस के सामने पेश कर दिया है। गौरतलब है कि बंदी संजय कुमार केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री होने के साथ-साथ भाजपा सांसद भी हैं।

उन्होंने कहा कि आज मैंने अपने बेटे बंडी भागीरथ को जांच के लिए एक वकील के जरिए पुलिस के हवाले कर दिया है। मैंने पहले भी कहा था कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। मेरे बेटे का लगातार कहना है कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है। शिकायत दर्ज होने के समय ही मैंने उसे पुलिस को सौंपने का फैसला किया था। बाद में हमने सारे सबूत कानूनी टीम को दिए। उन्हें देखने के बाद उन्होंने कहा कि इस मामले में जमानत मिल जाएगी। इसी वजह से सरेंडर में देरी हुई। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

बंडी भगीरथ के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी

इससे पहले,साइबराबाद पुलिस ने केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भगीरथ के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है ताकि उसे देश छोड़कर भागने से रोका जा सके। इस बीच, तेलंगाना रक्षण सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष के. कविता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में मांग की है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार को ’’उनके बेटे से जुड़े पॉक्सो मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने’’ के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए।

तेलंगाना उच्च न्यायालय से भी लगा था झटका

भगीरथ को शुक्रवार रात तेलंगाना उच्च न्यायालय से भी झटका लगा, जब अदालत ने उन्हें गिरफ्तारी से कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

भगीरथ की अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि इस चरण में वह कोई अंतरिम आदेश पारित करने के पक्ष में नहीं है। भगीरथ के वकील ने अंतिम आदेश आने तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने का अनुरोध किया था।

क्या है मामला

यह मामला आठ मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। शिकायत 17 वर्षीय लड़की की मां ने दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भगीरथ के उसकी बेटी के साथ संबंध थे और उसने लड़की का यौन उत्पीड़न किया।

पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद मामले में पॉक्सो अधिनियम की और कड़ी धाराएं भी जोड़ी गईं।

भगीरथ ने भी एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि लड़की ने उसे पारिवारिक कार्यक्रमों और सामूहिक आयोजनों में आमंत्रित किया था। भगीरथ की शिकायत के आधार पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई।

शिकायत में भगीरथ ने कहा कि लड़की के परिवार को भरोसेमंद मानते हुए वह दोस्तों के समूह के साथ कुछ धार्मिक स्थलों की यात्राओं पर भी उनके साथ गए थे। उसने आरोप लगाया कि बाद में लड़की और उसके माता-पिता ने उस पर शादी का दबाव बनाया। प्रस्ताव ठुकराने पर लड़की के माता-पिता ने कथित रूप से उनसे पैसे मांगे और भुगतान न करने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।

भगीरथ का दावा है कि डर के कारण उन्होंने लड़की के पिता को 50 हजार रुपये दिए, लेकिन बाद में परिवार ने पांच करोड़ रुपये की मांग की। उसने यह भी आरोप लगाया कि मांग पूरी न करने पर लड़की की मां आत्महत्या करने की धमकी दे रही थीं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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