Times Now Summit 2025: बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टाइम्स नाउ समिट 2025 में हिंदुत्व इंटेलिजेंस के मुद्दे पर जवाब दिया। टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में हिंदुत्व इंटेलिजेंस के बारे में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुलकर बोला। टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने पूछा कि आप कह रहे है कि अब वक्त आ गया है कि हिंदुत्व इंटेलिजेंस (HI) को बढ़ावा मिले। लोगों को हिन्दुत्व की वैक्सीन लगे। ये वैक्सीन कौन बना रहा है?
बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कोशिश तो हम ही कर रहे है। हमने कहा है कि वर्तमान में सबसे ज्यादा जलवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। हम चाहते है कि हिंदुत्व इंटेलिजेंस का भी जलवा होना चाहिए। हिंदुत्व इंटेलिजेंस का मतलब है... बिजनेसमैन हिंदू, एकता में हिंदू रहे। तीसरा जो हम चाहते है एजुकेट हिंदू हो। हम ऐसा इसलिए चाहते है ताकि आर्थिक संपन्नता हो पूरे भारत का हिंदू एक हो। हम तीन विकल्पों पर काम करना चाह रहे है। सपना है... संकल्प है... हम कोशिश करेंगे... कोई ना कोई पूर्ण करेगा... हनुमान जी पूर्ण करवाएंगे।
अभी टेस्टिंग को खुद ही पर चल रही है- धीरेंद्र शास्त्री
टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने पूछा कि ये जो वैक्सीन बन रही है इसकी लेबोरेटरी कहां है और इसकी टेस्टिंग किस पर हो रही है। बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अभी टेस्टिंग को खुद ही पर चल रही है।
हमारा लक्ष्य आंदोलन खड़ा करना नहीं है- धीरेंद्र शास्त्री
टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार पूंछा कि आप यात्रा कर रहे है लोग परेशान हो रहे है अब आप दिल्ली से भी एक यात्रा करने वाले है जिसका नाम वज्र यात्रा है। बागेश्वर बाबा ने कहा कि इस देश में यात्रा ही सफल हुई है। भगवान राम की वनवास यात्रा, महात्मा गांधी की डांडी यात्रा इससे सिद्ध होता है कि ये देश यात्राओं का है। इस देश में यात्राएं सफल होती है। हमारा लक्ष्य आंदोलन खड़ा करना नहीं है हमारा लक्ष्य आंदोलित करना है। हम तलवारों की लड़ाई पर कभी भरोसा नहीं करते हम विचारों की लड़ाई पर विश्वास करते है।
बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हमें ना तो नेता बनना है ना ही किसी पार्टी को वोट दिलवाना है। हमें सिर्फ लोगों के दिलों में हिंदुत्व की विचाराधारा भरना चाहते है। गांव-गांव, घर-घर जा कर हम ये विचारधारा भरना चाहते है। ये काम हम कोई अनोखा नहीं कर रहे है। 1400 ईसवी में रामानंद महाराज जी ने किया था। आदि गुरू शंकराचार्य महाप्रभु जी ने किया था। उनके बताएं हुए पदचिन्हों पर हम कर रहे है तो हमें नहीं लगता है कि हम कुछ नया कर रहे हैं।
