Babbar Khalsa International : खालिस्तान समर्थक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के बारे में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एनआईए ने कहा है कि बीकेआई अपने अहम सदस्यों एवं गुर्गों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित करना चाहता है। इस काम में वह प्रो-खालिस्तान एलिमेंट (पीकेई) की मदद भी ले रहा है। पीकेई के सदस्य दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपना पैर जमा चुके हैं। गत मार्च में एनआईए की ओर से दायर आरोपपत्र में इस बात का खुलासा किया गया है।
आतंकवादियों-गैंगस्टर का नेटवर्क
आरोपपत्र के मुताबिक बीकेआई ने गैंगस्टर एवं प्रो-खालिस्तान तत्वों को मिलाकर आतंकवादियों-गैंगस्टर का एक नेटवर्क तैयार किया है। यह नेटवर्क टारगेट किलिंग में शामिल है। ये दोनों एक-दूसरे की मदद करते हैं। इन गैंगस्टरों को सीमा पार से घातक हथियार मिलते हैं।
पंजाब में हमलों में शामिल रहा है BKI
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा कि पंजाब में महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमला करने में बीकेआई शामिल रहा है। मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी से हमला इसी ने कराया था। इसके अलावा में तरन तारन के सरहाली पुलिस स्टेशन पर आरपीजी से हमला और रोपड़ में क्राइम इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी (CIA) पर आईईडी ब्लास्ट में इसी संगठन का हाथ था।
बीकेआई के इशारे पर काम करते हैं हैंडलर्स
चार्ज शीट के अनुसार हमले में शामिल सभी आरोपी हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से हैं। इन्हें केवल शरण एवं लॉजिस्टिक सपोर्ट पंजाब में मिली। विदेशों में बैठे इनके हैंडलर्स बीकेआई के इशारे पर काम करते हैं। एनआई के मुताबिक बीकेआई के आतंकवादियों की मौजूदगी भारत के बाहर पाकिस्तान, नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और स्कैंडिनेवियन देशों में है।
कई देशों ने बीकेआई पर लगाया है प्रतिबंध
एनआईए का कहना है कि बीकेआई के आतंकवादी अभी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे, स्विटजरलैंड और पाकिस्तान में सक्रिय हैं। इस आतंकवादी समूह की मजबूत जड़ें पाकिस्तान में हैं और बीकेआई को इस देश की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का पूरा सहयोग मिलता रहा है। भारत सहित कई देशों ने बीकेआई पर प्रतिबंध लगाया है। कनाडा, यूरोपीय यूनियन, जापान, मलेशिया, ब्रिटेन एवं अमेरिका ने इस संगठन पर बैन लगाया है।
