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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी, क्राइम ब्रांच ने 26 वर्षीय युवक को किया अरेस्ट

Baba Siddique Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तार युवक की पहचान सुमित वाघ के रूप में हुई है, उस पर आरोपियों को पैसे पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोप को मुंबई लाया जा रहा है।

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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड।

Baba Siddique Murder Case: एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी हुई है। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने अकोला से एक 26 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार युवक की पहचान सुमित वाघ के रूप में हुई है, उस पर आरोपियों को पैसे पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोप को मुंबई लाया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुमित वाघ पर नरेश कुमार (एक अन्य गिरफ्तार आरोपी गुरनैल सिंह का भाई) और अन्य सह-साजिशकर्ता रूपेश मोहोल और हरीशकुमार को धन हस्तांतरित करने सहित अन्य अपराधों के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन आरोपियों की गिरफ्तारी पहले की जा चुकी है।

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में 26वीं गिरफ्तारी

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में यह 26वीं गिरफ्तारी है। अधिकारियों ने बताया कि अकोला से गिरफ्तार सुमित वाघर ने हाल ही में खरीदे गए सिम कार्ड का उपयोग करके इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लेन-देन किया था। यह सिम एक अन्य गिरफ्तार आरोपी सलमान वोरा के नाम पर पंजीकृत था। वोरा को 17 नवंबर को अकोला क्राइम ब्रांच के सहयोग से गिरफ्तार किया गया था।

शुभम लोनकर के कहने पर ट्रांसफर किए गए थे पैसे

एक अधिकारी ने कहा,पैसे वांछित आरोपी शुभम लोनकर के निर्देश पर ट्रांसफर किए गए थे। बता दें, इस मामले की जांच में 10 नवंबर को एक बड़ी सफलता मिली थी जब उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से कथित मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम की गिरफ्तारी हुई। शिवकुमार गौतम को नेपाल में घुसने की कोशिश करते समय पकड़ा गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शिव कुमार गौतम ने अपराध के बाद बांद्रा पूर्व में गोलीबारी की जगह का दौरा किया था और बाद में सिद्दीकी की मौत की पुष्टि करने के लिए बांद्रा पश्चिम में लीलावती अस्पताल भी गए थे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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