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Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का एक और शूटर बहराइच से गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में था

Baba Siddiqui Murder Case: अधिकारियों ने बताया कि बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े शूटर को गिरफ्तार किया गया है। यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच ने संयुक्त अभियान चलाकर शूटर शिवकुमार को बहराइच के नानपारा से गिरफ्तार किया। वह नेपाल भागने की फिराक में था।

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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का शूटर बहराइच से गिरफ्तार।

Photo : ANI

Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े एक और शूटर को उत्तर प्रदेश के बहराइच से गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच ने संयुक्त अभियान चलाकर कथित मुख्य शूटर शिवकुमार को बहराइच के नानपारा से गिरफ्तार किया। वह नेपाल भागने की फिराक में था। यूपी एसटीएफ ने शूटर को नेपाल भागने में मदद करने वाले तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुंबई पुलिस ने बताया कि यूपी एसटीएफ के साथ संयुक्त अभियान में मुंबई क्राइम ब्रांच की 6 अधिकारियों और 15 कर्मियों की एक टीम ने बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के शूटर शिव कुमार को उत्तर प्रदेश के दो अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को मुंबई लाया जा रहा है।

मजदूरी करने गया था महाराष्ट्र

एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि शिवकुमार को शरण देने व नेपाल भागने में मदद करने के आरोप में अनुराग कश्यप, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, आकाश श्रीवास्तव व अखिलेंद्र प्रताप सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद बहराइच की पुलिस अधीक्षक (एसपी) वृंदा शुक्ला ने 13 अक्टूबर को बताया था कि बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें से दो आरोपी धर्मराज कश्यप (19) व शिवकुमार उर्फ शिवा गौतम (20) बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा गांव के रहने वाले हैं। कैसरगंज के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनिल कुमार सिंह ने बताया था कि शिवकुमार उर्फ शिवा कुछ साल पहले मजदूरी करने महाराष्ट्र गया था और इस साल अप्रैल में उसने अपने पड़ोसी धर्मराज को भी साथ में काम करने के लिए बुला लिया था। शिवा के पिता बालकृष्ण यहां दिहाड़ी पर राजमिस्त्री का काम करते हैं। शिवा की मां सुमन ने कहा, मेरा बेटा शिवा ऐसा नहीं था। यहां से तो वह पुणे (महाराष्ट्र) में कबाड़ की एक दुकान पर काम करने गया था। उसका किसी आपराधिक गिरोह से नाता है, ऐसा तो हम सोच भी नहीं सकते। यहां भी उसका कभी किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ था।

12 अक्टूबर को गोली मारकर की गई थी हत्या

बता दें, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी (66) को मुंबई में बांद्रा इलाके के खेर नगर में उनके बेटे एवं विधायक जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर 12 अक्टूबर की रात को तीन लोगों ने गोली मार दी थी। उन्हें लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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