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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के आरोपी का हरियाणा के कैथल से जुड़ा है तार, परिवार ने 11 साल पहले किया था बेदखल

Baba Siddique: एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के तार हरियाणा के कैथल से जुड़ रहे हैं। इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए दो संदिग्धों के दावे के अनुसार वे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं। इन दो संदिग्धों में एक हरियाणा का गुरमेल बलजीत सिंह है।

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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के आरोपी को कैथल में परिवार ने 11 साल पहले कर दिया था बेदखल

Photo : Twitter

Baba Siddique: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के तार हरियाणा के कैथल से जुड़ रहे हैं। इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए दो संदिग्धों के दावे के अनुसार वे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं। इन दो संदिग्धों में एक हरियाणा का गुरमेल बलजीत सिंह है। आरोपी गुरमेल के परिजनों के अनुसार उन्होंने गुरमेल को बेदखल किया हुआ है और उनका उसकी किसी भी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। गुरमेल कैथल के गांव नरड का रहने वाला है। बुजुर्ग के नाम पर उसके परिवार में मात्र एक दादी रहती हैं। गुरमेल की दादी ने बताया कि वह 11 साल पहले ही गुरमेल को अपने परिवार से बेदखल कर चुके हैं।

आरोपी की दादी ने कहा मेरा कुछ लेना-देना नहीं

गुरमेल की दादी 60 वर्षीय फूली देवी ने कहा कि वह मेरा पोता लगता है। लेकिन अब वह मेरा कुछ नहीं लगता है। 11 साल पहले हमने उसको परिवार से बेदखल कर दिया था। तब से वह हमारा कुछ नहीं लगता है। अब चाहे तो कोई उसको मारे या फिर छोड़े, हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं है। उसका चार-पांच महीने से हमें कोई अता-पता नहीं है। तब से उसका न कोई फोन आया है और न ही वह घर आया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी के मां-बाप की मृत्यु हो चुकी है और लंबे समय से अपने गांव में नहीं रह रहा था। गुरमेल की दादी ने बताया कि घर में केवल वह और उनका एक पोता रहता है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी गुरमेल कैथल साल 2022 में एक युवक की हत्या करने के मामले में कैथल जेल में बंद था। उसके बाद जमानत पर बाहर आने के बाद मुंबई में वह लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों के साथ संपर्क में आया। यह भी बताया जा रहा है कि गुरमेल कैथल जेल में ही लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों के संपर्क में आया था। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर की रेकी की थी, वे डेढ़ से दो महीने से मुंबई में रहकर बाबा सिद्दीकी पर नजर रख रहे थे। मुंबई क्राइम ब्रांच की कई टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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