Baba Ramdev: पहले ऐसे भारतीय सन्यासी, जिनकी मोम की प्रतिकृति (Wax Figure) मैडम तुसाद न्यूयार्क में लगाई जाएगी। यहां योग गुरू स्वामी रामदेव की बात हो रही है। न्यूयार्क के मैडम तुसाद म्यूजियम में अब बाबा रामदेव की प्रतिमा लगाई जाएगी। इससे पहले महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और शाहरुख खान समेत करीब 12 से हस्तियों का पुतला लंदन के इस म्यूजियम में लगाया जा चुका है।
दिल्ली के एक होटल में किया गया प्रतिमा का अनावरण
दिल्ली के एक होटल में 30 जनवरी, 2024 (मंगलवार) को बाबा रामदेव की मोम की प्रतिमा का अनावरण किया गया। बाबा रामदेव के पुतले और उनको देखकर हर कोई कन्फ्यूज हो जाएगा कि असली कौन है और नकली कौन। साल 2018 में तुसाद न्यूयार्क की टीम ने पुतले को बनाने से पहले दो सौ से ज्यादा बार रामदेव के बॉडी की नाप ली थी। इस दौरान उनके चेहरे के भावों को भी रिकॉर्ड किया गया था और सैकड़ों फोटोज क्लिक की गई थीं।
किस योगमुद्रा में आएंगे नजर योगगुरु बाबा रामदेव
बाबा रामदेव का मोम का पुतला मैडम तुसाद न्यूयार्क में वृक्षासन वाले पोज में नजर आएगा। दिल्ली के समारोह के बाद इस मोम की प्रतिमा को न्यूयॉर्क भेजा जाना है। जानकारी के मुकताबिक बाबा रामदेव ऐसे पहले संन्यासी हैं जिनकी प्रतिमा लगेगी।
करोड़ों की लागत से बनाया गया बाबा रामदेव का पुतला
एक रिपोर्ट के मुताबिक, किसी मोम के पुतले को बनाने में करीब 6 से 8 महीने का वक्त लगता है। सिर से पैर तक मापने की पूरी प्रक्रिया पूरी करने में ज्यादा समय लगता है। इसमें एक-एक बाल को बड़ी ही सावधानी से लगाया जाता है। जानकारी के अनुसार कम से कम 1.5 से दो करोड़ रुपये तक का खर्च एक मोम की मूर्ति को बनाने में आ जाता है।
मैडम तुसाद म्यूजियम की स्थापना वर्ष 1835 में की गई थी, जो मोम के पुतलों का विश्व प्रसिद्ध संग्रहालय है। दुनिया भर की बड़ी हस्तियों के पुतले इस म्यूजियम में स्थापित किए गए हैं। भारत से अभी तक 12 हस्तियों के पुतले इस म्यूजियम में लगाए जा चुके हैं। इस लिस्ट में अब बाबा रामदेव भी शामिल हो जाएंगे।
