आजम खान और अखिलेश यादव (फाइल फोटो: canva)
Azam Khan met Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने शुक्रवार को लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की और कहा कि पार्टी अध्यक्ष के साथ उनकी मुलाकात का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में न्याय और राजनीतिक बदलाव की जरूरत और दृढ़ता का संदेश देना था।खान ने अखिलेश से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, 'कभी-कभी, आप सभी (मीडिया) का बनाया गया माहौल हमें या तो विरोध में या समर्थन में बोलने के लिए मजबूर करता है। हमारी मुलाकात का असली मकसद यह दिखाना था कि तमाम जुल्म और ऐतिहासिक अन्याय के बावजूद आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जिनका सब्र पत्थर या पहाड़ से भी ज्यादा मजबूत है।'
अपने बेटे एवं पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम के साथ सपा प्रमुख से मिलने पहुंचे खान ने कहा कि वह अपने परिवार, सहयोगियों और शहर के साथ हुई नाइंसाफ की दास्तानें अपने साथ लेकर आए हैं।उन्होंने कहा, 'हमारे कई लोग अभी भी जेलों में हैं। जब हम मिलते हैं तो हम एक-दूसरे को उस दर्दनाक दौर की याद दिलाते हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां याद रखें कि एक बार ऐसी नाइंसाफी हुई थी।'
जमीन हड़पने और चोरी समेत 100 से ज्यादा मुकदमों में लगभग दो साल जेल में बिताने के बाद हाल ही में रिहा हुए सपा के वरिष्ठ नेता ने मीडिया के एक वर्ग का आभार व्यक्त किया और इसे धारणा में बदलाव बताया।उन्होंने कहा, 'जो लोग कभी मुझे गलत समझते थे, अब उन्हें लगता है कि हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है।'
खान ने अपने आवास और रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय पर आयकर विभाग के छापों को याद करते हुए कहा कि अधिकारियों ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिससे कोई भी सभ्य व्यक्ति शर्म से अपना सिर झुका सकता है।उन्होंने कहा, 'एजेंसियों का ऐसा दुरुपयोग दोबारा नहीं होना चाहिए। जब तक राजनीतिक व्यवस्था में सुधार नहीं होता और लोग यह नहीं समझते कि वाकई क्या हो रहा है तब तक अन्याय जारी रहेगा। हालांकि मुझे बदलाव का एहसास हो रहा है। जो लोग कभी मेरा विरोध करते थे, वे अब मुझसे मिलने आते हैं, मुझे गले लगाते हैं और रोते हैं। यह बदलाव का संकेत है।'
लखनऊ दौरे का किसी अदालती मामले से जुड़े होने की अटकलों को खारिज करते हुए खान ने कहा, 'इसके अलावा और कोई वजह नहीं है। मैं अखिलेश यादव से मिलने और आपके माध्यम से यह संदेश देने आया था कि हम बदलाव के पक्ष में हैं।'पिछले एक महीने के दौरान सपा के दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले आठ अक्टूबर को अखिलेश यादव खान से मिलने रामपुर गए थे। यादव ने वादा किया था कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद सपा की सरकार बनी तो खान और इसी तरह के अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज सभी झूठे मामले वापस लिए जाएंगे।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य और दिवंगत पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी सहयोगी रहे 77 वर्षीय आजम खान की गिनती कभी उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में की जाती थी। आजम खान के सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि खान अपने और अखिलेश यादव के बीच तनाव के कारण समाजवादी पार्टी छोड़ देंगे। हालांकि, खान ने ऐसा कोई भी कदम उठाने से इनकार किया था।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।