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आजम खान और उनके परिवार को झटका, कोर्ट ने खारिज की अपील; 7 साल की सजा बरकरार

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 23, 2023, 04:20 PM IST

Azam Khan Fake Birth Certificate Case: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अदालत से झटका लगा है। अदालत ने तीनों की अपील खारिज कर दी। आजम, तंजीम और अब्दुल्ला को 7 साल की सजा सुनाई गई है।

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आजम खान के परिवार की अपील कोर्ट ने की खारिज।

Photo : Times Now Digital

Samajwadi Party News: उत्तर प्रदेश के रामपुर से ताल्लुक रखने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने आजम परिवार की अपील की खारिज कर दी है। जन्म प्रमाणपत्र के मामले में मिली 7-7 साल की सजा के खिलाफ तीनों ने अपील डाली थी, जिसे MP MLA सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया।

पड़ोसी पर जानलेवा हमले के मामले में बरी

इसी साल 18 अक्टूबर 2023 को अदालत ने आजम, तंजीम, अब्दुल्ला को 7 साल की सजा सुनाई है। मामला अब्दुल्ला आजम खान का दो बार जन्म प्रमाण पत्र जारी होने से जुड़ा है। इस मामले में आजम खान सीतापुर, अब्दुल्ला आजम हरदोई और तंजीम फातिमा रामपुर जेल में बंद हैं। वहीं पड़ोसी पर जानलेवा हमले के मामले में आजम खान, अब्दुल्ला आजम, आजम खान के भाई और भतीजा को बरी कर दिया गया है।

विधायक आकाश सक्सेना ने किया था मुकदमा

दो जन्म प्रमाण पत्र को लेकर अदालत ने अक्टूबर माह में तीनों को दोषी पाया था जिसके आधार पर सजा सुनाई गई। इस मामले के मुख्य वादी विधायक आकाश सक्सेना हैं। आकाश सक्सेना ने वर्ष 2019 में दोहरे जन्म प्रमाण पत्र के इस्तेमाल को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था।

फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर बनवाया पासपोर्ट

मामला अब्दुल्ला आजम खान का दो बार जन्म प्रमाण पत्र जारी होने से जुड़ा है। अब्दुल्ला आजम खान पर पहले जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पासपोर्ट और विदेशी दौरे हासिल करने और सरकार से संबंधित उद्देश्यों के लिए दूसरे प्रमाण पत्र का उपयोग करने का आरोप है। दोनों प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से और पूर्व नियोजित साजिश के तहत जारी किये गये थे। रामपुर नगर पालिका द्वारा 28 जून 2012 को जारी किए गए पहले जन्म प्रमाण पत्र में रामपुर को अब्दुल्ला आजम खान का जन्मस्थान दिखाया गया था। जनवरी 2015 में जारी किए गए दूसरे जन्म प्रमाण पत्र में लखनऊ को उनका जन्मस्थान दिखाया गया।

इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया था मामला

अब्दुल्ला आजम खान और उनके माता-पिता के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। गुरुवार के फैसले ने एक और मामला चिह्नित किया जहां आजम खान और उनके बेटे को दोषी ठहराया गया। दोनों को 2019 के नफरत भरे भाषण मामले में रामपुर की एक अदालत ने दोषी ठहराया था। इसके अलावा आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला जमीन कब्जाने के मामले में फंसे हुए हैं। इससे पहले, आजम खान और अब्दुल्ला ने अपने खिलाफ कई मामलों के कारण अयोग्य घोषित होने से पहले रामपुर जिले में सुअर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।

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