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अयोध्याः 70 एकड़ जमीन के संकरे या छोटे से हिस्से में ही क्यों बना राम मंदिर? यह है वजह, समझिए

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 27, 2023, 12:44 PM IST

Ayodhya Ram Mandir Latest Update: यूपी के अयोध्या में 22 जनवरी को श्री राम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, जिससे पहले 30 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रभु श्री राम की नगरी (अयोध्या) को करोड़ों रुपए की परियोजनाओं का उपहार देंगे।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Ayodhya Ram Mandir Latest Update: उत्तर प्रदेश (यूपी) के अयोध्या में राम मंदिर 70 एकड़ की भूमि के संकरे हिस्से में बना है। ऐसा तब हुआ है, जब पूरे परिसर में अच्छी-खासी जगह थी। जमीन की दक्षिणी दिशा में हिस्सा मजे का चौड़ा था, लेकिन मंदिर उत्तरी हिस्से में छोटे से भाग में बनाया गया। हालांकि, इसके पीछे एक वजह है, जिसके बारे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने विस्तार से समझाया है।

बुधवार (27 दिसंबर, 2023) को समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी किए गए एक वीडियो में वह राम मंदिर परिसर वाली भूमि के नक्शे के साथ बताते नजर आए कि मंदिर 70 एकड़ के उत्तरी भाग में बना है। यह हिस्सा दक्षिणी हिस्से से काफी संकरा है।

उन्होंने आगे कहा- इतने छोटे में हिस्से में मंदिर इसलिए बनाया गया क्योंकि कोर्ट में जो लंबे समय से लिटिगेशन (मुकदमेबाज़ी) है, वह इसी प्लॉट नंबर का है। हम इसलिए इसे नहीं छोड़ सकते हैं। वहां तीन मंजिला मंदिर दिखेगा, जिसका ग्राउंड फ्लोर तैयार है। पहले माले का काम चल रहा है और दूसरे फ्लोर की परिस्थितियां तैयार की जा रही हैं, जबकि मंदिर के चारों ओर दीवार बनाई जाएगी।

राय के मुताबिक, मंदिर परिसर की 70 एकड़ जमीन का 70% हिस्सा हरित क्षेत्र होगा। यह परिसर अपने तरीके से आत्मनिर्भर होगा क्योंकि इसमें दो अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (एसटीपी), एक जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) और पावर हाउस से एक समर्पित लाइन होगी। परिसर में एक दमकल चौकी भी होगी, जो भूमिगत जलाशय से पानी का इस्तेमाल करने में सक्षम होगी।

राय ने मीडिया के सामने परिदृश्य योजना साझा करते हुए बताया कि भव्य मंदिर में 392 खंभे होंगे, 14 फीट चौड़ी परकोटा परिधि होगी जो 732 मीटर तक फैली होगी। राम मंदिर परिसर में बुजुर्ग, विशेष रूप से दिव्यांग आगंतुकों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार पर लिफ्ट की सुविधा और दो रैंप होंगे। कुबेर टीला पर जटायु की मूर्ति स्थापित की गई है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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