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अयोध्या राम पथ धंसने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 इंजीनियरों को किया निलंबित, गुजरात की कंपनी को जारी हुआ नोटिस

Ayodhya Ram Path Collapse Case: उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में राम पथ में हुए भ्रष्टाचार पर कड़ा एक्शन लेते हुए 6 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं।

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राम पथ धंसने के मामले में 6 इंजीनियरों को प्रदेश सरकार ने किया निलंबित

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Ayodhya Ram Path: भारी बारिश के कारण अयोध्या का राम पथ कई जगहों से धंस गया और सड़क पर बड़े-बड़े गड्डे बन गए जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल निगम के कई अधिकारियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। इस घटना ने शहर में बुनियादी ढांचे की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके चलते छह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया और इलाके में सिविल कार्य के लिए जिम्मेदार गुजरात स्थित एक फर्म को नोटिस जारी किया गया।

6 इंजीनियरों को सरकार ने किया निलंबित

जानकारी के अनुसार, निलंबित अधिकारियों में लोक निर्माण विभाग के तीन अधिकारी शामिल हैं: अधिशासी अभियंता ध्रुव अग्रवाल, सहायक अभियंता अनुज देशवाल और कनिष्ठ अभियंता प्रभात पांडे। जल निगम के अधिशासी अभियंता आनंद कुमार दुबे, सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार यादव और कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद शाहिद को आगे की जांच तक उनके पद से मुक्त कर दिया गया है।

बता दें, अयोध्या में राम पथ पर यह धंसाव भारी मानसूनी बारिश के बीच हुआ, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे की ऐसी मौसमी परिस्थितियों के लिए तैयारियों पर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को बल मिला है। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता को इस ढहने का मुख्य कारण बताया है। घटना पर राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया में न केवल इंजीनियरों को निलंबित करना शामिल है, बल्कि सिविल कार्यों में शामिल गुजरात स्थित फर्म की जिम्मेदारियों की गहन जांच भी शुरू करना शामिल है। अयोध्या में विशिष्ट बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में अपनी भूमिका के लिए पहचानी जाने वाली इस फर्म को निर्माण चरणों के दौरान बनाए गए गुणवत्ता और मानकों के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस दिया गया है।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

बता दें, राम पथ धंसने की खबर आते ही आनन-फानन में जिला प्रशासन ने गड्ढों को भर दिया लेकिन तब तक कई वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो गए है जिसकी वजह से प्रदेश सरकार को काफी किरकिरी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं और सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे है। अयोध्या को बीजेपी ने विकास के मॉडल की तरह बनाने की कोशिश की थी और देशभर में इसका जिक्र करते हुए प्रचार किया था। लेकिन, पहली ही बारिश में जिस तरह जगह-जगह जल जलजमाव हुआ और राम पथ धंस गया उसने सारे दावों पर पानी फेर दिया है। वहीं कांग्रेस अब राम मंदिर से लेकर अयोध्या में हुए विकास कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप भी लगा रही है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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