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Ram Mandir Invitation: राम मंदिर के उद्घाटन में कौन से दल होंगे शामिल, किसने ठुकराया न्यौता और किसे मिला निमंत्रण; सब जानिए

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 12, 2024, 07:36 PM IST

Ram Mandir Guest List: राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण किस-किस राजनीतिक दलों को दिया गया है? कौन से दलों ने कार्यक्रम में शामिल होने से इंकार किया है और कौन से नेता इसमें शामिल होंगे...आइए जानते हैं।

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अयोध्या राम मंदिर

Photo : Twitter

Ram Mandir Guest List: अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन होना है। इस दिव्य और भव्य आयोजन का इंतजार पूरे देश को है। हर कोई राम लला की भक्ति में सराबोर हो जाना चाहता है। 22 जनवरी को होने इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे और वही राम लला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए देश की कई हस्तियों और राजनीतिक दलों को आमंत्रण भेजा गया है।

हालांकि, राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर देश में सियासत एक बार फिर चरम पर है। ऐसा तब हुआ है, जब कांग्रेस ने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह के निमंत्रण को ठुकरा दिया है। कांग्रेस नेताओं ने विधिवत ऐलान कर कहा है कि वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे क्योंकि यह भाजपा का इवेंट है। वहीं, कुछ अन्य नेताओं ने भी इस कार्यक्रम से दूरी बना ली है। उधर, भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे राम विरोधी पार्टी करार दिया है।

आइए जानते हैं राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण किस-किस राजनीतिक दलों को दिया गया है? कौन से दलों ने कार्यक्रम में शामिल होने से इंकार किया है और कौन से नेता इसमें शामिल होंगे...

इन नेताओं को मिला निमंत्रण

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इसके अलावा लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गज नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है। इसके अलावा विपक्षी नेताओं में मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिगया गांधी, अधीर रंजन चौधरी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एचडी देवगौड़ा, ममता बनर्जी, सीताराम येचुरी को भी निमंत्रण भेजा गया है।

इन नेताओं ने शामिल होने से किया इंकार

कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को इस कार्यक्रम में शामिल होने से इंकार कर दिया है। कांग्रेस ने इसे भाजपा और संघ का कार्यक्रम करार दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी न्यौते को अस्वीकार कर दिया है। इससे पहले सीताराम येचुरी, ममता बनर्जी, कपिल सिब्बल, उद्धव ठाकरे जैसे नेताओं ने भी कार्यक्रम में शामिल होने से इंकार कर दिया है1 सभी ने इसे भाजपा का कार्यक्रम कहा है। इसके अलावा चारों शंकराचार्य भी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में नहीं होंगे।

ये नेता होंगे शामिल

राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम में पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ के अलावा लाल कृष्ण आडवाणी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर अनिश्चितता है। इसके अलावा मुरली मनोहर जोशी भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। भाजपा अध्धक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी समोराह में हिस्सा लेते नजर आएंगे। वहीं हिमाचल कांग्रेस सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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