Ayodhya News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां निर्माणाधीन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. वीके सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने एयरपोर्ट के निर्माण से जुड़े प्रेजेंटेशन को भी देखा और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि अयोध्या में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण कार्य 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।
युद्धस्तर पर चल रहा है एयरपोर्ट का निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप प्रभु श्रीराम की पावन अयोध्या नये भारत की नई अयोध्या बन रही है। अयोध्या की देश और दुनिया के साथ कैसी कनेक्टिविटी होनी चाहिए, इसी के निरीक्षण के लिए यहां केंद्रीय मंत्रियों के साथ आना हुआ है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में पहले मात्र 178 एकड़ में बहुत छोटी सी एयरस्ट्रिप थी। इसे एक बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में तैयार किया गया है। 821 एकड़ लैंड राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी इंडिया द्वारा नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि अयोध्या के विकास के लिए जो इन्फ्रास्ट्रक्चर आवश्यक है वो अयोध्यावासियों को प्राप्त होगा। अयोध्या को उसका गौरव पुन: प्रदान करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता के साथ प्रयास कर रही है।

अयोध्या में सीएम योगी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।
पहले चरण में 65 हजार वर्ग फुट का हवाईतल का निर्माण
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि अयोध्या के हवाईअड्डे में यहां की सांस्कृतिक क्षमता को परिलक्षित करने की कोशिश हुई है। पहले चरण में 65 हजार वर्ग फुट का हवाईतल बनने जा रहा है। इसकी क्षमता प्रतिघंटे 2 से 3 फ्लाइट की होगी। यहां 2200 मीटर के रनवे का क्रियान्वयन होने जा रहा है, जिसपर छोटे विमानों के साथ ही बोइंग 737, एयरबस 319 और एयरबस 320 जैसे बड़े विमान भी लैंड कर सकेंगे। शुरुआत में यहां 8 एप्रन बनाए गये हैं।
दूसरे चरण में रनवे की लंबाई बढ़ाकर 3700 मीटर होगी
उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण के लिए शीघ्र ही कैबिनेट से स्वीकृति लेने की तैयारी है। दूसरे चरण में रनवे की लंबाई को बढ़ाकर 3700 मीटर किया जाएगा, ताकि बोइंग 787 और बोइंग 777 जैसे सारे अंतरराष्ट्रीय विमान सीधे अयोध्या में लैंड कर सकें। पहले फेज के समीप ही दूसरे फेज के विमानतल को तैयार किया जाएगा, जोकि 5 लाख स्क्वाएर फुट का होगा।
