Karur Tragedy: अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने शनिवार को अपने कार्यकर्ताओं से दिवाली उत्सव नहीं बनाने की अपील की। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि 27 सितंबर को करूर में हुए दुखद हादसे को देखते हुए वह इस बार प्रकाशोत्सव न मनाएं।पार्टी ने कहा, “करूर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण, जिसमें हमारे कई लोग मारे गए, पार्टी अध्यक्ष विजय ने अनुरोध किया है कि टीवीके का कोई भी सदस्य इस वर्ष दिवाली नहीं मनाए।”
TVK कार्यकर्ताओं से की गई यह अपील
पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि आइए उनकी स्मृति का सम्मान करें और मौन व सम्मान में एक साथ खड़े हों। दिवाली 20 अक्टूबर को है। सनद रहे कि करूर में विजय द्वारा संबोधित एक रैली में भगदड़ मचने से लगभग 41 लोगों की मौत हो गई और 60 से ज़्यादा घायल हो गए।
क्या मान्यता प्राप्त दल है TVK?
वहीं, चुनाव आयोग ने शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट को सूचित किया कि मशहूर अभिनेता विजय की टीवीके एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं है। मुख्य न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की प्रथम पीठ के समक्ष चुनाव आयोग के वकील निरंजन राजगोपाल ने यह दलील तब दी जब सी सेल्वाकुमार द्वारा दायर एक जनहित याचिका, जिसमें अन्य राहतों के अलावा टीवीके की मान्यता रद्द करने की मांग की गई थी, सुनवाई के लिए आई।
टीवीके की मान्यता रद्द करने की मांग 27 सितंबर को करूर में आयोजित पार्टी की रैली में हुई भगदड़ के बाद की गई थी। पीठ ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि 27 सितंबर को करूर में हुई भगदड़ से संबंधित सभी मामलों को हाई कोर्ट के प्रशासनिक पक्ष के समक्ष रखा जाए और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर, शेष मामलों पर विचार करने के लिए एक पीठ का गठन किया जाए।
