Attack on EC observer's vehicle: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)सुनवाई शिविरों के ईआरओ (ERO) के दौरे के दौरान सुरक्षा में गंभीर चूक को उजागर किया और राज्य पुलिस से 6 जनवरी तक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में आयोग ने कहा कि पर्यवेक्षक, वरिष्ठ अधिकारी सी मुरुगन ने अपनी रिपोर्ट में दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट-I, मगराहाट-II और कुलपी ब्लॉकों में 29 दिसंबर को एसआईआर सुनवाई शिविरों के अपने दौरे के दौरान हुई कई घटनाओं का जिक्र किया है। इसमें यह भी कहा गया है कि विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों में भी इसी तरह की चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
जांच रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया
रिपोर्ट की जांच के बाद आयोग ने पाया कि संबंधित उप-विभागीय अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दौरे के कार्यक्रम की अग्रिम सूचना दिए जाने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी, और पर्यवेक्षक को उचित पुलिस सुरक्षा के बिना संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरना पड़ा। पत्र में कहा गया है कि नारेबाजी, भीड़ इकट्ठा होने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और पर्यवेक्षक के वाहन को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आईं। साथ ही बार-बार प्रयास करने के बाद 29 दिसंबर को 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
आयोग ने कहा कि ये घटनाएं पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं। आयोग ने डीजीपी को 6 जनवरी को शाम 5 बजे तक पुलिस कार्रवाई, उपायों और जिम्मेदारी तय करने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देते हुए कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि अब से जब भी कोई मतदाता सूची पर्यवेक्षक या विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक क्षेत्र का दौरा करे, तो उसके साथ पर्याप्त सुरक्षा के साथ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होना अनिवार्य है ताकि इनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
चुनाव अधिकारी की कार पर हमला
29 दिसंबर को मगराहट स्थित एक एसआईआर सुनवाई केंद्र के दौरे के दौरान प्रदर्शनकारी भीड़ द्वारा चुनाव अधिकारी मुरुगन के वाहन को घेरने के बाद उसे नुकसान पहुंचाया गया था। प्रदर्शनकारियों, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं, उन्होंने एसआरओ के वाहन का रास्ता रोक दिया और कार के बोनट और खिड़कियों पर लाठियां मारीं। पुलिस कर्मियों ने घेराबंदी करके प्रदर्शनकारियों को हटाने का भरसक प्रयास किया। बाद में कार के ड्राइवर की तरफ का दरवाजा हैंडल लगभग उखड़ा हुआ मिला। मुरुगन को इससे पहले भी दो बार एसआईआर अभ्यास के दौरान प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था।
