बैंक खाते (Bank Account) से अचानक कोई रकम कट जाए, गलत शुल्क लग जाए या एक ही भुगतान के लिए दो बार पैसा डेबिट हो जाए, तो किसी का भी परेशान होना लाजमी है। कई बार ऐसी स्थिति में लोग केवल बैंक को फोन कर शिकायत कर देते हैं और फिर जवाब का इंतजार करते रहते हैं। लेकिन ऐसी समस्या होने पर शिकायत दर्ज करवाने के साथ उसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। अगर बैंक से समाधान नहीं मिलता है, तो मामले को आगे बढ़ाने का रास्ता भी मौजूद है।
बैंक को तुरंत दें जानकारी
अगर खाते में ऐसा ट्रांजैक्शन दिखाई देता है, जिसे आपने खुद नहीं किया या जिसकी अनुमति नहीं दी तो बैंक को तुरंत इसकी जानकारी दें। इसके लिए बैंक के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें। जैसे ही आपको ऐसे लेनदेन की जानकारी मिले, उसे नजरअंदाज न करें और महीने के अंत में आने वाली बैंक डिटेल्स का इंतजार भी न करें।
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की सूचना तीन वर्किंग डे के भीतर देने पर ग्राहक की जिम्मेदारी खत्म हो सकती है। वहीं, रिपोर्ट करने में देरी होने पर ग्राहक की जिम्मेदारी बढ़ सकती है।
फोन के साथ लिखित शिकायत भी करें
इस तरह के मामले में केवल फोन पर शिकायत करना भी काफी नहीं होगा। बैंक के मोबाइल ऐप, वेबसाइट, ईमेल या शाखा के माध्यम से औपचारिक शिकायत दर्ज करें। शिकायत में लेनदेन की तारीख, रकम और यह कारण स्पष्ट करें कि आपको डेबिट गलत क्यों लग रहा है। शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाला शिकायत नंबर संभालकर रखें। ईमेल, स्क्रीनशॉट और बैंक से मिले संदेश भी सुरक्षित रखें। इससे आगे शिकायत बढ़ाने की जरूरत पड़ने पर आपके पास पूरा रिकॉर्ड रहेगा।
गलत बैंक चार्ज लगा है तो क्या करें?
गलत शुल्क लगना और अनधिकृत लेनदेन होना एक ही बात नहीं है। उदाहरण के लिए बैंक ने ऐसा शुल्क काट लिया जो लागू नहीं होना चाहिए था, एक ही शुल्क दो बार लगा दिया या बैंक की घोषित शुल्क सूची के अनुसार रकम अलग है, तो आप बैंक से इसका आधार पूछ सकते हैं। ऐसी स्थिति में बैंक से पूछें कि यह शुल्क किस नियम या शुल्क सूची के आधार पर लगाया गया है और इसकी गणना कैसे हुई। बैंक का विवरण, शुल्क की सूची और बैंक के साथ हुई बातचीत का रिकॉर्ड साथ रखें।
RBI Ombudsman का भी रास्ता
अगर बैंक या संबंधित विनियमित संस्था शिकायत मिलने के 30 दिनों के भीतर जवाब नहीं देती है या ग्राहक उसके जवाब से संतुष्ट नहीं है, तो आमतौर पर मामले को RBI लोकपाल के पास ले जाया जा सकता है। 1 जुलाई 2026 से लागू रिजर्व बैंक-एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 के तहत RBI द्वारा विनियमित और इस योजना के दायरे में आने वाली संस्थाओं की सेवा में कमी से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए बिना किसी शुल्क के शिकायत दर्ज करने की सुविधा मिलती है।
