Delhi News: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर से झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की अंतरिम ज़मानत खारिज कर दी है। केजरीवाल ने खराब सेहत का हवाला देते का 7 दिन की जमानत मांगी थी। वहीं ED ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि केजरीवाल लगातार चुनाव प्रचार कर रहे थे लेकिन जब सरेंडर करने का टाइम आया तो अदालत को गुमराह करने लगे।
अदालत ने अपने आदेश में क्या कहा?
आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि केजरीवाल की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा है।
1. अदालत ने कहा है कि केजरीवाल जिस तरह लोकसभा के चुनाव प्रचार और मीटिंग में शामिल हो रहे थे, उससे नहीं लगता कि वो किसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे है। सिर्फ बीमारी की आशंका के चलते इलाज की दलील देना ज़मानत के लिए आधार नहीं माना जा सकता है।
2. केजरीवाल जिन मेडिकल जांचों के लिए जमानत मांग रहे हैं वो तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी कराए जा सकते हैं।
3. कोर्ट ने एम्स दिल्ली के निदेशक से कहा है कि वो केजरीवाल की बीमारी को ध्यान में रखकर पहले से गठित विशेषज्ञ डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड में बदलाव भी कर सकते हैं।
4. कोर्ट के आदेश के मुताबिक एम्स का मेडिकल बोर्ड ही केजरीवाल की मेडिकल जांच कर के तीन दिन में बताएगा कि उन्हें कौन से मेडिकल टेस्ट करवाने हैं।
5. तिहाड़ जेल का प्रशासन ये सुनिश्चित करेगा कि एम्स के मेडिकल बोर्ड की ओर से बताए गए अरविंद केजरीवाल के सारे टेस्ट जल्द से जल्द हों।
6. जांच की रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल बोर्ड तय करेगा कि केजरीवाल का ट्रीटमेंट कैसे हो! जेल ऑथोरिटी की ही ये जिम्मेदारी होगी कि अरविंद केजरीवाल को वो हर संभव इलाज उपलब्ध कराए। केजरीवाल के किया जा रहे मेडिकल टेस्ट और उसके रिपोर्ट के बारे में कोर्ट को भी अवगत कराया जाए।
आपको बता दे की हाल ही में अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए मिली अंतरिम जमानत खत्म हो गई इसके बाद केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर कर दिया। उनके वकीलों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में यह कोशिश की गई कि उनकी अंतिम जमानत की अवधि बढ़ा दी जाए लेकिन राहत नहीं मिली। फिलहाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्याय हिरासत 19 जून तक बढ़ा दी गई है। आज ही उन्हें अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था।
