चुनाव आयोग के फैसले के बाद धरने की सियासत, ममता बनर्जी की इस हुंकार के क्या हैं मायने

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 13, 2021, 11:06 AM IST

चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी कोलकाता में धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग केंद्र के इशारे पर काम कर रहा है।

चुनाव आयोग के फैसले के बाद धरने की सियासत, ममता बनर्जी की इस हुंकार के क्या हैं मायने

कोलकाता। टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ कोलकाता में धरने पर बैठीं हुईं हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। जिस तरह से उन्हें प्रचार करने से रोका गया है वो अपने आपमें यह बताने के लिए पर्याप्त है कि बीजेपी हताश हो चुकी है। ममता बनर्जी के समर्थन में डीएमके के एम के स्टालिन भी मैदान में उतरे और कहा कि चुनाव आयोग किस तरह की नजीर पेश कर रहा है। 

चुनाव आयोग ने इस वजह से की थी कार्रवाई
चुनाव आयोग ने TMC प्रमुख ममता बनर्जी पर 12 अप्रैल की रात 8 बजे से 13 अप्रैल की रात 8 बजे तक किसी भी तरह से प्रचार करने पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगाया है। दरअसल हाल ही में चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को उनके एक बयान के लिए नोटिस भेजा था। ममता बनर्जी को हुगली में चुनाव रैली के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक आधार पर मतदाताओं से अपील करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। 



ममता बनर्जी के समर्थन में दूसरे दल
ममता बनर्जी के समर्थन में दूसरे दल भी राग अलाप रहे हैं। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं पर मौजूदा सरकार दबाव बना रही है वो अपने आप में शुभ संकेत नहीं है। सवाल यह है कि जब इस तरह से संस्थाएं काम करना शुरू कर देंगी तो लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा। बंगाल में आज जो कुछ भी हो रहा है वो सिर्फ और सिर्फ स्वतंत्र आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। 

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