TMC में शामिल हुए गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फलेरियो, बोले- BJP को हराना है मकसद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 29, 2021, 05:38 PM IST

गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक लुइजिन्हो फलेरियो कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हुए। आज कुल 10 लोग पार्टी में शामिल हुए। ममता बनर्जी ने ट्वीट कर उनका स्वागत किया।

TMC में शामिल हुए गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फलेरियो, बोले- BJP को हराना है मकसद
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व नेता और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फलेरियो और उनके करीबी कई अन्य नेता बुधवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने फलेरियो और अन्य नेताओं को पार्टी का झंडा सौंपा।

गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फलेरियो मंगलवार को कोलकाता पहुंचे थे। पूर्व सीएम के अलावा कई अन्य नेता भी कोलकाता पहुंचे। फलेरियो ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी की 'स्ट्रीटफाइटर' भावना की सराहना की और कहा कि ममता बनर्जी ने बीजेपी को बंगाल में प्रवेश करने से रोकने के लिए लड़ाई लड़ी और सफल रहीं। वह महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं और देश को वापस विकास और प्रगति के ट्रैक पर ला सकती हैं। 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर पर कहा कि गोवा के पूर्व सीएम, 7 बार के विधायक और गोवा के दिग्गज नेता श्री लुइजिन्हो फलेरियो का तृणमूल कांग्रेस परिवार में स्वागत करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। साथ में हम इसके लिए खड़े होंगे कि हर गोवावासी, विभाजनकारी ताकतों से लड़े और गोवा के लिए एक नई सुबह की शुरुआत करने की दिशा में काम करे। उन्होंने लिखा कि मुझे एमजीपी के पूर्व विधायक श्री लवू ममलेदार, कांग्रेस महासचिव यतीश नाइक और विजय पोई और कांग्रेस सचिव मारियो पिंटो डी सैन्टाना और आनंद नाइक का पार्टी में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। 

टीएमसी में शामिल होने के बाद फलेरियो ने कहा कि आज मैं दीदी के साथ यात्रा शुरू कर रहा हूं क्योंकि गोवा को एक विश्वसनीय विकल्प की जरूरत है। मैं उनसे गोवा की पहचान और विरासत की रक्षा के लिए गोवा आने का अनुरोध करता हूं। आज जब मैं टीएमसी में शामिल हो रहा हूं तो मेरा सपना कांग्रेस परिवार को एक साथ लाने का है। टीएमसी में शामिल होने के पीछे मेरा मुख्य मिशन भाजपा और उसकी विभाजनकारी नीतियों, नफरत और प्रतिशोध की संस्कृति को हराना है। भारत पूरी तरह से आर्थिक मंदी की चपेट में है।
 

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