वीर सावरकर को वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे, 1960 तक पुश्तैनी संपत्ति भी नहीं मिली: योगी आदित्यनाथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 28, 2022, 08:41 PM IST

Veer Savarkar: विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वीर सावरकर- जो भारत का विभाजन रोक सकते थे और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि' पुस्तक का विमोचन किया।

वीर सावरकर को वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे, 1960 तक पुश्तैनी संपत्ति भी नहीं मिली: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वीर सावरकर- जो भारत का विभाजन रोक सकते थे और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि' पुस्तक का विमोचन किया है। आज हिंदुत्ववादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की जयंती है। इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद वीर सावरकर को कभी वह सम्मान नहीं दिया गया जिसके वे हकदार थे, उन्हें 2 आजीवन कारावास की सजा दी गई।

सीएम योगी ने कहा कि 1960 तक उन्हें अपनी पुश्तैनी संपत्ति भी नहीं मिली थी। हिंदुत्व शब्द वीर सावरकर द्वारा गढ़ा गया था। हिंदी शब्दावली के कई शब्दों का श्रेय वीर सावरकर को जाता है। लेकिन उस समय की सरकार ने उनकी तुलना जिन्ना से की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर की प्रतिभा को छुपाने का प्रयास पहले ब्रिटिशर्स ने किया और आजादी के बाद जिन लोगों के हाथों में सत्ता आई, उन्होंने भी हर संभव प्रयास किए। वीर सावरकर ने भी यही बात कही थी कि पाकिस्तान आएंगे-जाएंगे, लेकिन हिंदुस्तान हमेशा रहेगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो शेयर कर वीर सावरकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। पीएम मोदी ने वीर सावरकर के बारे में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिए गए एक वक्तव्य को उन्ही की आवाज में शेयर करते हुए ट्वीट कर लिखा कि मां भारती के कर्मठ सपूत वीर सावरकर को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।

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