Article 370 Abrogation's 3 Years: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए आज 3 साल पूरे हो गए हैं। बीते तीन साल से जम्मू कश्मीर की तस्वीर लगातार बदल रही है। सालों से अटके काम अब तेजी से पूरे हो रहे हैं। लेकिन घाटी के शांत माहौल को दोबारा खराब करने के लिए बॉर्डर पार से साजिश से भी रची जा रही है। लिहाजा घाटी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जा रही है और आतंकियों के सफाए के लिए सेना का ऑपरेशन भी लगाता चल रहा है।
इन्हें मिली आजादी
2019 में आज ही के दिन धारा 370 हटाई गई थी और जम्मू कश्मीर राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बना था। एक तरफ देश में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने की खुशी है तो दूसरी तरफ घाटी के सियासतदान इसे काला दिवस बता रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने की खुशी आज भी कुछ राजनेताओं को भले ही ना हो लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जिनके लिए 15 अगस्त से पहले ही यानी आज का दिन आजादी का दिन है। पाकिस्तान से भारत आए विस्थापितों के लिए ऐसा ही है।
पहले क्या था
- अलग झंडा
- अनुच्छेद 356 लागू नहीं
- अल्पसंख्यकों को आरक्षण नहीं
- दूसरे राज्यों के लोग जमीन नहीं खरीद सकते थे
- RTI Act नहीं था
- सरकार का कार्यकाल 6 साल
- लद्दाख J&K का हिस्सा
अब क्या है
- तिरंगा झंडा
- अनुच्छेद 356 लागू है
- अल्पसंख्यकों को आरक्षण मिला
- कोई भी भारतीय जमीन खरीद सकता है
- RTI Act लागू है
- सरकार का कार्यकाल 5 साल
- लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश
पर्यटन को फायदा
हालांकि, ऐतिहासिक कदम उठाने से पहले कश्मीर घाटी में कई प्रतिबंधों और कर्फ्यू लगाना पड़ा था। हालांकि, अधिकारियों ने प्रतिबंधों को हटा दिया और हिरासत में लिए गए राजनेताओं को रिहा कर दिया। अनुच्छेद 370 और 35 (ए) के निरस्त होने के बाद राज्य में में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। बुनियादी ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी में सुधार और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटकों की तादाद में लगातार वृद्धि हो रही है।

