राहुल गांधी के क्षेत्रीय दलों पर दिए बयान के बचाव में उतरे शशि थरूर, उनके कहने का मतलब कुछ और था

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 17, 2022, 07:30 AM IST

राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में आ जाते हैं। हाल ही में उन्होंने क्षेत्रीय दलों की भूमिका पर बयान दिया जिसके बाद वो खुद अपने समर्थक दलों के निशाने पर आ गए। जब मामला बढ़ा तो शशि थरूर उनके बचाव में उतरे

राहुल गांधी के क्षेत्रीय दलों पर दिए बयान के बचाव में उतरे शशि थरूर, उनके कहने का मतलब कुछ और था

उदयपुर में तीन दिन तक चले चिंतन शिविर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने क्षेत्रीय दलों पर खास टिप्पणी की थी और उसका असर भी दिखाई देने लगा। कांग्रेस की अहम सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसके साथ दूसरे क्षेत्रीय दलों को राहुल राग पसंद नहीं आया। मामला बढ़ता देख उनके बचाव में शशि थरूर उतरे। थरूर ने कहा कि राहुल गांधी के बयान को गलत संदर्भ में समझा गया। वो राष्ट्रीय नजरिए की बात कर रहे थे। क्षेत्रीय दलों का चरित्र और स्वभाव सामान्य तौर पर खास क्षेत्र या समूहों से संबंधित होता है।

राहुल गांधी ने क्या कहा था
क्षेत्रीय दलों पर "विचारधारा की कमी" पर राहुल गांधी की टिप्पणी, जिसने कुछ क्षेत्रीय सहयोगियों को उस समय परेशान किया है जब पार्टी 2024 के राष्ट्रीय चुनावों से पहले गठबंधनों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही है। कांग्रेस के झारखंड सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा और बिहार के सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल ने टिप्पणी पर सवाल उठाया है। जनता दल सेक्युलर के प्रमुख, अलग सहयोगी एचडी कुमारस्वामी ने श्री गांधी पर तंज कसा है।
राजस्थान के उदयपुर में तीन दिवसीय कांग्रेस "चिंतन शिविर" के समापन दिवस पर अपने संबोधन में, श्री गांधी ने कहा था: "भाजपा कांग्रेस के बारे में बात करेगी, कांग्रेस नेताओं के बारे में बात करेगी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बारे में बात करेगी, लेकिन बात नहीं करेगी। क्षेत्रीय दलों के बारे में, क्योंकि वे जानते हैं कि क्षेत्रीय दलों का अपना स्थान है, लेकिन वे भाजपा को नहीं हरा सकते। क्योंकि उनकी कोई विचारधारा नहीं है।"

हमारे पास राष्ट्रीय नजरिया
शशि थरूर ने कहा कि उन्हें लगता है कि राहुल गांधी के कहने का क्या मतलब था।  कम से कम हम सभी उनके मतलब से समझ गए थे  यह था कि हमारे पास एक राष्ट्रीय दृष्टि है। हम पूरे देश के लिए बोलते हैं और सोचते हैं। जबकि क्षेत्रीय दल अपने चरित्र से और प्रकृति आमतौर पर एक विशेष क्षेत्र या रुचि समूह तक ही सीमित होती है।।थरूर ने कहा कि  उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा लगता है कि  तृणमूल, राजद, समाजवादी पार्टी या यहां तक ​​​​कि अधिकांश भाग के लिए डीएमके की विचारधारा कांग्रेस के लिए अनुकूल और संगत होगी।राष्ट्रीय जनता दल ने श्री गांधी पर कटाक्ष किया, उनके दावों को "विचित्र" बताया। राजद के मनोज झा ने कहा कि यह थोड़ा विचित्र और असंगत लगता है।

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