Shraddha Dubey Video: शिव शर्मा मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे ने एक और वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में श्रद्धा ने एक बार फिर खुद को बेगुनाह बताया है। साथ ही बताया कि उसने क्यों भागने का फैसला किया। इस वीडियो में श्रद्धा ने कहा, मैं श्रद्धा दुबे, जिसका नाम शिव की मौत मामले में बार-बार उछाला जा रहा है। मेरा उससे कोई मतलब नहीं था, मेरा उस हत्या से कोई मतलब नहीं था। वह हत्या नहीं थी, वह एक सुसाइड था, ठीक है? मैंने अपनी आंखों से देखा उसको कूदते हुए, ठीक?
सीसीटीवी कैमरे में सब निकलेगा
अगर वहां के सीसीटीवी कैमरे निकलेंगे, सब कुछ निकलेगा, तो उसमें दिखेगा कि वह किस तरह से कूद रहा है। ऐसा नहीं है कि हम लोग परेशान नहीं हैं। उस वक्त मैं कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थी। मेरी तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी क्योंकि मेरे घर से किसी ने छलांग मार के सुसाइड अटेम्प्ट किया है, तो मेरी हालत खराब होनी स्वाभाविक है? यह 7 तारीख की घटना है, जिस दिन शिवा ने एक चाय वाले के जरिए कपूरथला में जहां कपूरथला मेन चौराहे पे एक चाय वाला है, वहां पर हम लोग अक्सर चाय पिया करते थे, उसके थ्रू उसने मेरे ड्राइवर को कॉल करवाया। शिवा शर्मा से मेरी छह-सात दिनों से कोई बातचीत नहीं हो रही थी 7 तारीख के पहले। पांच-छह दिन से कोई बातचीत नहीं हो रही थी। उसने चाय वाले के थ्रू मेरे ड्राइवर को कॉल करवाया। उसमें वह बहुत रो रहा था।
फिर मैंने उसको कॉल किया अपने नंबर से दो बार। उसकी उस वक्त कॉल नहीं उठी। रात 2:00 बजे शिवा की कॉल आई। मैंने पूछा, क्या बात है, क्यों रो रहे हो? उसने कहा कि, 'कहां हो?' मैंने कहा, 'मैं दैनिक पे खड़ी हूं।' वह दैनिक पर आता है अपनी बीएमडब्ल्यू से, मुझसे मिलता है। उसने कॉल पर भी बोला, बाबू मैं आता हूं, ठीक है? वह आया, मेरे साथ बातचीत की। बहुत ज्यादा बीयर पी हुई थी। हम लोग पैडलर्स कैफे गए। पैडलर्स कैफे में उसने मेरे लिए माचा मंगाया और मेरे ड्राइवर के लिए भी उसने जूस वगैरह ऑर्डर किया, अपना खुद भी लिया। उसके बाद वह उस वक्त मेरे साथ घर पे गया। हम लोग जैसे ड्राइव करते थे, ड्राइव कर के घर पे गया। वह मेरी गाड़ी चला रहा था, उसकी गाड़ी मेरा ड्राइवर चला रहा था, ठीक है?
8 तारीख तक सब कुछ ठीक था
8 तारीख को मेरी बहन वही पूजा से रिलेटेड बात करने के लिए 8 तारीख को मेरे घर आती है। 8 तारीख को सुबह वह मेरे घर आती है। मेरी बहन का तो इस केस से कोई रिलेशन ही नहीं है। मेरी बहन तो शिवा को अच्छे से जानती तक नहीं थी। अगर उसकी कॉल डिटेल्स निकलेंगी तो ना शिवा से उसकी कोई बातचीत थी, ना कुछ और। वह बहुत कम जानती थी शिवा शर्मा को। वह तो इतने दिनों बाद मेरे घर आई थी। और 8 तारीख को जब मेरी बहन आती है, उसके बाद भी हम लोग चिल करते हैं, सब कुछ ठीक रहता है। हम लोग घूमने जाते हैं। शाम को शिवा शर्मा के कुछ फ्रेंड्स आते हैं, जिसमें से एक का नाम अश्विनी मिश्रा था और दूसरा हर्ष था। अगर शिवा शर्मा पे किसी भी प्रकार का कोई टॉर्चर हो रहा होता या कुछ भी हो रहा होता, तो उनके दोस्तों ने पुलिस को क्यों नहीं बताया कि टॉर्चर हो रहा है? ऐसा कोई भी टॉर्चर नहीं था, ऐसा कुछ भी नहीं था शिवा के साथ। शिवा और हम खुश थे, बहुत अच्छे से थे।
शिवा शर्मा को सिर्फ 2 महीने से जानती थी
क्योंकि शिवा शर्मा को मैं सिर्फ दो महीने से जानती थी, चार महीने से तो वह मेरा दोस्त था। पिछले यह दो महीनों से हम रिलेशनशिप में थे, हम उसको जानते थे, ठीक है? यह उनकी मां ने कहा कि वह मेरे साथ लिव-इन में रहता था। कभी वह 15 दिन रहता था, कभी वह दो से चार दिन गायब रहता था, ऐसा करता था। मेरे से मिलने से पहले, पांच दिन पहले से जब हमारी बात नहीं हो रही थी, तो उस वक्त वह केदारनाथ गया था या कहीं गया था अपनी बहन और जीजा के साथ घूमने के लिए। मेरे पास कुछ ऐसे स्क्रीनशॉट्स हैं जो मैं आप लोगों से साझा करूंगी। उस स्क्रीनशॉट में भी साफ-साफ दिख रहा है कि शिवा पर इतना कर्जा... इतना कर्जा हो गया था, 15 से 20 लाख के कर्जे चल रहे थे। जब भी वह हम लोग के साथ बैठता था, तो कर्जदारों के फोन आने लगते थे। उसकी अगर कॉल डिटेल्स निकलेगी, मैंने शिवा शर्मा का फोन पुलिस के पास भिजवाया है, अगर उसकी कॉल डिटेल्स निकलेगी, उसमें सारी चीजें चेक होंगी, तो पता लगेगा शिवा शर्मा के पास बहुत सारे कर्जदारों के फोन आ रहे थे।
कर्जे से बहुत परेशान था शिवा
वह कर्जे से इतना परेशान हो गया था कि वह मुझसे कहता था कि अगर अगर मैं कर्जा नहीं चुका पाया तो मैं सुसाइड भी कर सकता हूं। वह बहुत परेशान रहता था, लेकिन उस वक्त हम उसकी बातों को हल्के में ले रहे थे। आप खुद सोचिए कि कोई लड़की मार कर किसी को अपने ही फ्लैट से क्यों नीचे फेंक देगी? तो प्लीज मेरी मीडिया से यह रिक्वेस्ट है कि ऐसी चीजें मत फैलाइए, ऐसी अफवाह किसी के बारे में मत फैलाइए। मेरी वह कंडीशन नहीं थी क्योंकि जब हमारा ड्राइवर और हम लोग लेके भाग-दौड़ कर रहे थे, उस वक्त वहां पर उसकी मम्मी आती हैं। मम्मी को कॉल किया, 112 पर कॉल किया, 108 पर कॉल किया। उसकी मम्मी आती हैं और उसकी मम्मी आ के वहां पर मेरे ड्राइवर से मारपीट करने लगती हैं, जो कि उस हॉस्पिटल के कैमरे में रिकॉर्ड होगा, ठीक है?
...तो मैं खुद सुसाइड कर लूंगी
और बिना कुछ जाने उन्होंने सीधा हत्या का आरोप हम लोगों पर लगा दिया। मतलब बिना कुछ सोचे-समझे उन्होंने सीधा हत्या का ब्लेम कर दिया। इतना बड़ा ब्लेम कर दिया हम लोग पे जो शायद हम लोग जिंदगी भर उस ब्लेम से बाहर नहीं आ पाएंगे। 8 तारीख, 9 तारीख को भी हम लोग नॉर्मल रहते हैं। 8 तारीख को घूमते-फिरते हैं, लॉन्ग ड्राइव पर जाते हैं। जिसमें शिवा शर्मा की उसकी मां से, उनके जीजा से, उनकी बहन से कई बार बात भी होती है, मेरे सामने कॉल आ रही थी, बातचीत हो रही? फिर 9 तारीख को वह डिप्रेशन में था, क्या था मुझे खुद भी नहीं पता। जब हम लोग सो के उठते हैं, ड्राइंग रूम में चाय पीते हैं। शिवा वॉशरूम के लिए अंदर जाता है, लेकिन कभी भी शिवा वॉशरूम के लिए जाता था तो मेन गेट नहीं बंद करता था। जैसे ही उसने मेन गेट बंद किया, क्योंकि उसने पहले ही बताया था कि इतने सारे कर्जे थे, मेरे दिमाग में डाउट था कुछ, मैंने तुरंत अपनी बहन को भेजा कि जल्दी से जा के देखो यह क्या कर रहा है। जितनी देर में मेरी बहन गेट खोलती, उसने बालकनी से छलांग लगा दी। तो ऐसा नहीं है कि आपने अपना बेटा खोया है, मैंने भी अपना बंदा खोया है। मैं भी बहुत परेशान हूं। प्लीज मीडिया से मेरी यह रिक्वेस्ट है मुझे परेशान ना करें, प्लीज। क्योंकि अभी आपने एक जिंदगी खोई है, अगर आप लोग ऐसे टॉर्चर करते रहे तो मैं खुद सुसाइड कर लूंगी। सच में मैं सुसाइड कर लूंगी।
