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'कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता', SC तक राहुल गांधी के विरोध मार्च पर CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी

आज सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता। सुप्रीम कोर्ट तक राहुल गांधी के विरोध मार्च पर CJI सूर्यकांत ने ये टिप्पणी की है।

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राहुल गांधी के मार्च पर सीजेआई की सख्त टिप्पणी

Photo : PTI

CJI Comment on Rahul Gandhi March: राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की है। आज सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता। सुप्रीम कोर्ट तक राहुल गांधी के विरोध मार्च पर CJI सूर्यकांत ने ये टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता। ये सब बेकार की कोशिशें हैं। इन बातों पर कोई ध्यान नहीं देता। कोर्ट के बाहर क्या कहा जाता है और अंदर क्या, हम सब जानते हैं। हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं बैठे हैं। हमें हर बात की जानकारी है।

चुनाव आयोग को नोटिस जारी

वहीं, चुनाव आयोग के खिलाफ आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और AIMIM सुप्रीमो असद्दुदीन ओवैसी की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट मुख्य मामले के साथ इन मामलों की भी सुनवाई करेगा। दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन को लेकर दाखिल याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई की। कुल 14 नेताओं ने 14 याचिकाएं दाखिल की हैं।

10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन पर पुलिस के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका और इंटरनेट बंद करने ,रास्ता रोकने और वकीलों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। रविवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश

विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में विभिन्न वकीलों की मांग के बाद, सर्वोच्च न्यायालय ने सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को विरोध प्रदर्शन से संबंधित घटनाओं के सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए एक आदेश पारित किया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की, जिनमें वकीलों और पत्रकारों सहित शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की कथित हिरासत और उत्पीड़न को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी शामिल हैं।

याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर कड़ी आपत्ति जताई

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के एसआईआर (SIR) के तरीके को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने वाले इंडिया ब्लॉक के नेताओं के तेरह याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। अदालत ने टिप्पणी की, "हम याचिका पर नोटिस जारी कर रहे हैं, लेकिन हम याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण का स्पष्टीकरण मांगेंगे।"

12 अक्टूबर को निकाला था विरोध मार्च

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक एक बड़ा विरोध मार्च निकाला था। यह मार्च मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया था। मार्च से पहले विपक्ष के नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। हालांकि, CJI ने मुलाकात से इनकार करते हुए नेताओं को राजनीतिक मार्च की जगह उचित कानूनी प्रक्रिया/याचिका का रास्ता अपनाने की सलाह दी।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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