पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की। ममता बनर्जी गैर-भाजपा दलों की एक बैठक के लिए मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचीं। उन्होंने आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए बैठक बुलाई है। राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होंगे और नतीजे 21 जुलाई को घोषित किए जाएंगे।
बैठक के दौरान ममता बनर्जी और शरद पवार ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा की। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार को ट्वीट किया कि हमारी माननीय अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आज श्री शरद पवार से मुलाकात की। दो दिग्गज नेताओं ने सभी प्रगतिशील विपक्षी ताकतों की बैठक के लिए मंच तैयार किया, कल कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में बैठक होने वाली है। विभाजनकारी ताकतों से लड़ने का हमारा संकल्प मजबूत होता है।
राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार पर चर्चा के लिए बैठक बुलाने के टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के एकतरफा फैसले से नाराज सीपीआई और सीपीएम ने कहा कि वे अपने सांसदों को 15 जून को होने वाली विपक्ष की बैठक में भेजेंगे। CPM महासचिव सीताराम येचुरी और CPI महासचिव डी राजा ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व टीएमसी प्रमुख द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होगा। येचुरी ने बनर्जी को एक पत्र भी लिखा है जिसमें कहा गया है कि विपक्षी दलों की इस तरह की बैठकों में हमेशा पूर्व पारस्परिक परामर्श की प्रक्रिया का पालन किया जाता है ताकि इसमें शामिल होने के इच्छुक लोगों की अधिकतम भागीदारी हो सके।
ममता बनर्जी के अलावा वामपंथी नेताओं ने भी मंगलवार को शरद पवार से मुलाकात की और उनसे राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों का संयुक्त उम्मीदवार बनने का अनुरोध किया। हालांकि सीताराम येचुरी ने कहा कि शरद पवार ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों का उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया है। मुझे बताया गया है कि पवार राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष का चेहरा नहीं होंगे, अन्य नामों पर विचार किया जा रहा है। विपक्षी सूत्रों ने कहा कि पवार एक ऐसा मुकाबला लड़ने के इच्छुक नहीं थे, जिसमें उनके राजनीतिक जीवन में इस समय हारना तय है।

