नई दिल्ली। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती पर देश उन्हें याद कर रहा है। उनकी जयंती को देश राष्ट्रीय एकता और अखंडता दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सरदार पटेल की याद में देश भर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जा रहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी ने एकता परेड की सलामी ली और लोगों को शपथ दिलाई।
इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि जो लोग युद्ध नहीं लड़ या जीत सकते हैं वो भारत की एकता को चुनौती दे रहे हैं। लेकिन देश की 130 करोड़ जनता सभी तरह की चुनौतियां का सामना करने के लिए तैयार है।
केवड़िया में पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण के कुछ खास अंश
एक नजर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
- सात किमी दूर से दिखती है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
- कंधे की ऊंचाई 140 फीट, चेहरे की ऊंचाई 70 फुट
- पैर और हाथ की ऊंचाई 80 और 70 फुट
- पूरी मूर्ति का वजन करीब 1700 टन
- राम वी सुतार ने बनाई थी प्रतिमा
- मूर्ति बनाने में करीब 3 हजार करोड़ रुपए का खर्च
- 33 महीने में प्रतिमा बनकर हुई थी तैयार, पूरे देश से मंगाया गया था लोहा।
- पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रतिमा का उद्घाटन किया था।
इस मौके पर दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि ये बात सच है कि वल्लभ भाई पटेल को जितना सम्मान मिलना चाहिए था वो नहीं मिला था। लेकिन पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे उस वक्त उन्होंने सरदार पटेल की जयंती को एकता दिवस के तौर पर मनाना शुरू किया। देश का जो भौगौलिक रूप हम देख रहे हैं उसके लिए हम सब उनके प्रति कृतज्ञ हैं।

