भारतीय पनडुब्बी को जल क्षेत्र में प्रवेश से रोकने का पाक नौसेना का दावा क्यों 'विश्वसनीय' नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 20, 2021, 01:34 PM IST

Pakistan Navy claimover Indian submarine : नौवहन अभियान से परिचित अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में सामने आए ब्यौरे के मुताबिक पनडुब्बी की स्थिति कराची बंदरगाह से 150 समुद्री मील दूर थी जो पाकिस्तानी जल क्षेत्र की सीमा से काफी दूर है।

भारतीय पनडुब्बी को जल क्षेत्र में प्रवेश से रोकने का पाक नौसेना का दावा क्यों 'विश्वसनीय' नहीं

नई दिल्ली : पाकिस्तान द्वारा भारतीय पनडुब्बी को पिछले सप्ताह अपने जल क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने का मंगलवार को किया गया दावा विश्वसनीय नहीं है और इस बारे में सामने आए ब्यौरे के अनुसार यह पनडुब्बी पड़ोसी देश के जल क्षेत्र की सीमा से काफी दूर थी। नौवहन अभियानों से परिचित अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के जल क्षेत्र की सीमा उसके तट से 12 समुद्री मील की दूरी तक है।

कराची बंदरगाह से 150 समुद्री मील दूर थी पनडुब्बी

नौवहन अभियान से परिचित अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में सामने आए ब्यौरे के मुताबिक पनडुब्बी की स्थिति कराची बंदरगाह से 150 समुद्री मील दूर थी जो पाकिस्तानी जल क्षेत्र की सीमा से काफी दूर है। हालांकि पाकिस्तान के इस दावे पर भारतीय नौसेना की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है। पाकिस्तान की सेना ने मंगलवार को दावा किया था कि उसने पिछले सप्ताह भारत की एक पनडुब्बी को पाकिस्तानी जलक्षेत्र में घुसने से रोक दिया।

16 अक्टूबर को हुई घटना-पाक

इस संबंध में पाकिस्तानी सेना एक बयान में कहा कि घटना 16 अक्टूबर को हुई, जब पाकिस्तानी नौसेना के एक गश्ती विमान ने भारतीय पनडुब्बी की मौजूदगी का पता लगाया। बयान में कहा गया कि उसकी नौसेना ने ‘16 अक्टूबर को भारतीय पनडुब्बी का पता लगाया और उसे पाकिस्तानी जलक्षेत्र में घुसने से रोक दिया गया।’बयान में कहा गया कि यह इस तरह की तीसरी घटना है, जब भारतीय पनडुब्बी का समय से पहले ही पता लगा लिया गया और उसे रोक दिया गया।

पाकिस्तानी सेना ने वीडियो फुटेज जारी किया

पाकिस्तानी सेना ने इस कथित घटना की एक छोटी वीडियो फुटेज भी जारी की। बयान में दावा किया गया है कि इस तरह की एक घटना पिछली बार मार्च 2019 में हुई थी, जब पाकिस्तानी नौसेना ने एक भारतीय पनडुब्बी का पता लगाकर उसे देश के जलक्षेत्र में घुसने से रोक दिया था। इसमें दावा किया गया कि भारतीय पनडुब्बी द्वारा इस तरह का एक और प्रयास नवंबर 2016 में किया गया था, जिसका पता लगाकर उसे पाकिस्तान के जलक्षेत्र से बाहर कर दिया गया था।

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