क्या कोरोना मामले बढ़ने की ये है असल वजह, नोएडा के आंकड़ों से हुआ खुलासा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 19, 2020, 01:42 PM IST

Noida Coronavirus: नोएडा में कोरोना वायरस के 80% मामले बिसरख क्षेत्र से आए हैं। वहीं 21 से 40 वर्ष की आयु के बीच के लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे बाहर निकलने लगे हैं।

क्या कोरोना मामले बढ़ने की ये है असल वजह, नोएडा के आंकड़ों से हुआ खुलासा
Photo Credit: AP

नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में कोरोना के मामले 4000 से ऊपर पहुंच गए हैं। ये सामने आया है कि नोएडा के 80% मामले बिसरख क्षेत्र से हैं, जहां ज्यादातर ऊंची-ऊंची इमारतें और शहरी गांव हैं। राज्य सरकार के पोर्टल से मिले आंकड़ों से पता चला है कि नोएडा में अब तक 4,024 कोविड-19 मामलों में से 3119 अकेले बिसरख क्षेत्र के हैं। दनकौर से अब तक 358 मामले, दादरी से 271 और जेवर 129 मामले हैं। लगभग 150 कोविड रोगियों ने गलत पते दर्ज कराए हैं, जिससे उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो गया है।

बिसरख का अधिकांश इलाका नोएडा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन आसपास के छह अन्य गांवों की निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जाती है। 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि आबादी का घनत्व क्षेत्र में मामलों की अधिक संख्या का प्रमुख कारण था। बिसरख अन्य शहरी क्षेत्रों जैसे दिल्ली और गाजियाबाद के साथ अपनी सीमाओं को साझा करता है, जहां भी मामले बढ़ रहे हैं।

21 से 40 आयु वर्ग के लोग ज्यादा संक्रमित

अगर उम्र के आधार पर देखें तो 2000 से ज्यादा संक्रमित 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बीच हैं। अधिकारियों ने कहा कि ये डाटा आश्चर्यजनक नहीं है क्योंकि इस आयु वर्ग के अधिकांश लोग हाल ही में कार्यालयों और उद्योगों के फिर से शुरू होने के साथ घरों से बाहर निकलने लगे हैं। इस आयु वर्ग के बाद 41 से 60 साल की उम्र के लोग संक्रमित हो रहे हैं। उनको संख्या 1203 है। 60 साल से ज्यादा संक्रमित लोगों की संख्या 396 है। 0-10 साल के बीच 113 बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए हैं। वहीं 11 से 20 साल के बीच 260 संक्रमित हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि 80% संक्रमित लोग 21 से 60 साल के बीच हैं। 

अनलॉक में बड़े ज्यादा केस

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अनलॉक 1 के बाद से मध्यम आयु वर्ग के लोगों के संक्रमित होने की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। जैसे-जैसे ऑफिस खुलने लगे और लोग घर से बाहर जाने लगे, संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया। संक्रमित लोगों में से अधिकांश पेशेवर काम कर रहे हैं। यही कारण है कि हम लोगों को बताते रहते हैं कि चूंकि उन्हें अब घरों से बाहर निकलना है, इसलिए हमेशा उचित स्वच्छता और सोशल डिस्टेंस को बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण है।'

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