'विपक्ष को एकजुट करने के नीतीश कुमार की कोशिशें जाएंगी बेकार, विश्वसनीय चेहरे और जन आंदोलन की है जरूरत', बोले PK

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 10, 2022, 08:52 PM IST

Prashant Kishor: नीतीश कुमार के विपक्ष को एकजुट करने के दबाव के बारे में मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने अभी एक महीने पहले ही बीजेपी छोड़ दी है और बीजेपी के विरोध में नेताओं और पार्टियों से मिल रहे हैं, लेकिन ऐसा करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 

'विपक्ष को एकजुट करने के नीतीश कुमार की कोशिशें जाएंगी बेकार, विश्वसनीय चेहरे और जन आंदोलन की है जरूरत', बोले PK
Photo Credit: ANI

Prashant Kishor: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को पटना में कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से विपक्ष को एकजुट करने के प्रयास व्यर्थ जाएंगे, क्योंकि एक "विश्वसनीय चेहरे" और "जन आंदोलन" की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार के इस दावे पर भी हंसी उड़ाई कि वह भारतीय जनता पार्टी के साथ घनिष्ठ संबंध रखते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि कोई भी इस तरह की टिप्पणियों पर बिहार के मुख्यमंत्री को गंभीरता से नहीं लेता है।

विपक्ष को एकजुट करने के नीतीश कुमार की कोशिशें जाएंगी बेकार- प्रशांत किशोर

नीतीश कुमार के विपक्ष को एकजुट करने के दबाव के बारे में मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने अभी एक महीने पहले ही बीजेपी छोड़ दी है और बीजेपी के विरोध में नेताओं और पार्टियों से मिल रहे हैं, लेकिन ऐसा करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 

फेविकोल को नीतीश कुमार को अपना ब्रांड एंबेसडर बना लेना चाहिए- प्रशांत किशोर

हर तरह के जोड़ बने और टूटे केवल एक ही जोड़ नहीं टूटा और वो मुख्यमंत्री की कुर्सी और नीतीश जी के बीच का जोड़ है। ऐसी बाजीगरी केवल नीतीश जी कर सकते हैं, इसलिए मैंने कहा कि फेविकोल को इन्हीं (नीतीश कुमार) को अपना ब्रांड एंबेसडर बना लेना चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि  हम लोग एक नारा सुनते आए हैं कि फेविकोल का जोड़ है, नहीं टूटने वाला। बिहार में तो हम लोगों ने कई तरह के जोड़ों को बनते और बिगड़ते हुए देखा है। हमने देखा कि नीतीश जी कैसे भाजपा के साथ थे, फिर छोड़ा, फिर साथ आए, फिर छोड़ा। 

बिहार को 'बेहतर राजनीतिक विकल्प' देने का वादा करने वाले अभियान 'जन सूरज' की शुरुआत करने वाले प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर कोई नीतीश कुमार को जेडीयू सुप्रीमो के रूप में बीजेपी की बी-टीम कहता है तो कोई भी नीतीश कुमार को गंभीरता से नहीं लेगा। साथ ही उन्होंने ये भी दोहराया कि बिहार में अगला विधानसभा चुनाव भाजपा बनाम सात दलों का तथाकथित महागठबंधन नहीं होगा। राज्य में राजनीति हाल ही में 180 डिग्री हो गई है। अगले चुनावों के लिए और अधिक मोड़ होना तय है।

End of Article