भारत में कोविड-19 के नए स्‍ट्रेन के 20 मामले, 7 जनवरी तक स्‍थगित रहेगी ब्रिटेन जाने वाली फ्लाइट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 30, 2020, 12:07 PM IST

देश में कोविड-19 के नए स्‍ट्रेन के सामने आ रहे मामलों के बीच सरकार ने भारत और ब्रिटेन के बीच विमानों की आवाजाही 7 जनवरी, 2021 तक स्‍थगित करने का फैसला किया है।

भारत में कोविड-19 के नए स्‍ट्रेन के 20 मामले, 7 जनवरी तक स्‍थगित रहेगी ब्रिटेन जाने वाली फ्लाइट
Photo Credit: BCCL

नई दिल्‍ली : ब्रिटेन से भारत लौटे कुल 20 लोग कोरोना वायरस संक्रमण के नए प्रकार (स्ट्रेन) से संक्रमित पाए गए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इन 20 लोगों में मंगलवार को संक्रमित पाए गए छह लोग भी शामिल हैं। कोलकाता में भी ऐसा पहला केस सामने आया है। कोरोना वायरस संक्रमण के नए स्‍ट्रेन के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ब्रिटेन और भारत के बीच विमानों की आवाजाही 7 जनवरी, 2021 तक के लिए अस्‍थाई तौर पर स्‍थगित कर दी है।

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को ट्वीट कर बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच फ्लाइट्स की आवाजाही को 7 जनवरी, 2021 तक स्‍थगित करने का फैसला किया है। उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि 7 जनवरी के बाद विमानों की आवाजाही को सस्‍पेंड नहीं किया जाएगा और उड़ानों का संचालन नियमित तरीके से होगा, जिसके बारे में विस्‍तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

इससे पहले ब्रिटेन में कोविड-19 के नए स्‍ट्रेन के बारे में पता चलने के बाद सरकार ने भारत और ब्रिटेन के बीच विमानों की आवाजाही 23 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक स्थगित करने का फैसला लिया था, जिसे अब 7 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है। कोविड-19 का यह नया स्‍ट्रेन अब दुनिया के कई हिस्‍सों में फैल चुका है और भारत में भी इसके कई मामले सामने आए हैं। देश में कोविड-19 के नए स्‍ट्रेन से संबंधित मामलों की संख्‍या 20 बताई जा रही है।

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के नए स्‍ट्रेन के सामने आने के बाद इसे लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने आश्‍वस्‍त किया है कि हालात पर नजर है और सतर्कता बढ़ाने, संक्रमण रोकने, जांच बढ़ाने और नमूनों को आईएनएसएसीओजी प्रयोगशालाओं में भेजने के लिए राज्यों को नियमित सलाह दी जा रही है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इन लोगों के साथ यात्रा करने वाले लोगों, उनके परिवार के सदस्यों और उनके सम्पर्क में आए लोगों का भी पता लगाया जा रहा है, ताकि उन्हें आइसोलेशन में रखा जा सके।

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