बुलडोजर चला-चला BJP सरकार ने MP में फ्री करा ली 21 हजार एकड़ जमीन, CM का ऐलान- इन्हें गरीबों में बाटूंगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 8, 2022, 05:55 PM IST

मध्य प्रदेश में बुलडोजर का इस्तेमाल सांप्रदायिक हिंसा के आरोपियों, माफिया और अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ किया गया है।

 बुलडोजर चला-चला BJP सरकार ने MP में फ्री करा ली 21 हजार एकड़ जमीन, CM का ऐलान- इन्हें गरीबों में बाटूंगा
Photo Credit: Times Now

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार ने बुलडोजर वाले एक्शन से अब तक 21 हजार एकड़ जमीन फ्री करा ली है। यह जमीन गरीबों को दी जाएगी। यह ऐलान शुक्रवार (आठ जुलाई, 2022) को खुद सीएम ने किया।

वह इस दौरान सूबे के बालाघाट में एक जन सभा को संबोधित कर रहे थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने कहा- हमने बुलडोजर चला-चला कर 21 हजार एकड़ ज़मीन मुक्त कराई है। ये जमीन मैं गरीबों को बाटूंगा। कांग्रेस की सरकार में विकास के सारे काम ठप हो गए। जो संकल्प पत्र भाजपा ने दिया है, उसे मैं पूरा करूंगा।

मुरैना में चुनाव से पहले बुलडोजर वाला फ्लैग मार्च
इस बीच, सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी आईएएनएस ने बताया गया कि म.प्र के मुरैना में तीसरे चरण के पंचायत चुनाव से पहले शुक्रवार को जिला प्रशासन ने बुलडोजर के साथ फ्लैग मार्च निकाला। समझा जा सकता है कि प्रशासन इसके जरिए लोगों को साफ संदेश देना चाहता था कि वे शांति के साथ चुनाव में हिस्सा लें, अन्यथा उनके घरों पर भी पीला पंजा चल सकता है।  

नाम न बताने की शर्त पर एक अफसर ने बताया, "पहले चरण के चुनाव में कई पोलिंग बूथों पर हिंसा के बाद लोग चिंतित और परेशान हैं। यही वजह है कि बुलडोजर के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया, ताकि हुड़दंगियों को साफ संदेश दिया जा सके कि अगर वे कुछ गड़बड़ करेंगे तो उन्हें इसके कड़े नतीजे भुगतने होंगे।"

पॉलिटिकल टूल बन गया बुलडोजर
जो बुलडोजर आम तौर पर आपको कंस्ट्रक्शन साइट्स के आसपास नजर आ जाया करता था, उसी सियासी गलियारे से लेकर सोशल मीडिया तक इन दिनों खूब चर्चा होती है। हो भी क्यों न...देखते ही देखते यह पॉलिटिकल टूल जो बन चुका है। यूपी में भू-माफिया और सांप्रदायिक हिंसा के आरोपियों के खिलाफ इस्तेमाल कर सीएम योगी ने इसके जरिए कड़ा प्रशासन संदेश दिया। इससे जुड़ा एक्शन आगे चलकर दिल्ली और म.प्र समेत और सूबों में भी पहुंचा और लोग इसे सुशासन का प्रतीक बताने लगे।

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