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साल 2019 : जाधव केस में पाक की हुई फजीहत, बालाकोट एयर स्ट्राइक से फिर शर्मसार हुआ पाकिस्तान

  • Updated Dec 30, 2019, 05:22 PM IST

India-Pakistan Relations in 2019: पिछले कुछ सालों की तरह 2019 में भी भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में कोई सुधार नहीं हुआ। कुछ घटनाओं की वजह से इस साल रिश्तों में गिरावट ज्यादा देखी गई।

साल 2019 : जाधव केस में पाक की हुई फजीहत, बालाकोट एयर स्ट्राइक से फिर शर्मसार हुआ पाकिस्तान

नई दिल्ली: साल दर साल भारत-पाकिस्तान के संबंधों में खटास बढ़ती जा रही है। साल 2019 में दोनों के रिश्तों में और ज्यादा गिरावट देखी गई। इस साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने दोनों देशों के रिश्तों को और पीछे ढकेल दिया। इस आतंकी हमले में सीआपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली।

इसके बाद पूरे देश में गुस्सा चरम पुर पहुंच गया और भारत सरकार ने भी कहा कि आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

बालाकोट में एयर स्ट्राइक 
हमले के 12 दिन बाद ही 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर हमला किया। इस हमले के बाद पाकिस्तान में बौखलाहट बढ़ गई और अगले दिन पाकिस्तानी वायु सेना ने भारत में इसी प्रकार की कोशिश की, जिसे भारत द्वारा नाकाम कर दिया गया। पाकिस्तान वायु सेना ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी लेकिन उसकी कोशिश विफल कर दी गई।

अभिनंदन को छोड़ने को मजबूर हुआ पाकिस्तान
इस दौरान हुई हवाई झड़प में पाकिस्तानी वायु सेना ने भारत के एक मिग-21 लड़ाकू विमान को गिरा दिया था और भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पकड़ लिया। हालांकि भारत के दबाव के आगे पाकिस्तान झुका और एक मार्च को पाकिस्तान ने अभिनंदन को भारत को सौंप दिया। अभिनंदन ने पाकिस्तान के एक एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था।

पाकिस्तान को इस साल भारत के आगे सिर्फ बालाकोट एयर स्ट्राइक की वजह से ही शर्मसार नहीं होना पड़ा। कुलभूषण जाधव मामले में भी पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।

जाधव मामले में भी पाकिस्तान ने मुंह की खाई
इस साल जुलाई के महीने में भारत को कुलभूषण मामले में बड़ी सफलता हासिल हुई। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाते हुए पाकिस्तान को इस सजा की समीक्षा और दोबारा विचार करने का आदेश दिया। आईसीजे ने भारत की याचिका में उठाए गए अधिकांश मुद्दों को सही ठहराया। आईसीजे ने पाकिस्तान को लताड़ भी लगाई। अदालत ने कहा कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनके अधिकारों से अवगत नहीं कराया और ऐसा कर उसने वियना संधि के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। आईसीजे ने पाकिस्तान से कहा कि वह भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे।

अनुच्छेद 370 हटाने से बौखलाया पाकिस्तान
इसके अलावा 5 अगस्त को जब भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया तो पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने लगा। पाकिस्तान की तरफ से युद्ध यहां तक की परमाणु युद्ध तक की धमकी दी गई। हालांकि भारत ने स्पष्ट कर दिया कि हम किसी भी प्रकार की स्थिति का जवाब देने के लिए सक्षम हैं। इस मुद्दे पर पाकिस्तान को विश्व समुदाय से किसी प्रकार का समर्थन नहीं मिला। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार भारत के खिलाफ बयान देते रहे, लेकिन कोई भी देश मजबूती से उनके साथ खड़ा नहीं हो सका।

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