Independence Day Speech 2022: जातिवाद-सांप्रदायिकता के लिए जगह नहीं...जब लाल किला से बतौर PM बोले थे नरेंद्र मोदी, देखें भाषण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 7, 2022, 07:44 AM IST

Independence Day Speech in Hindi 2022 (स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में 2022): पीएम ने जोर देते हुए कहा था कि श्रम की गरिमा हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य होना चाहिए।

Independence Day Speech 2022: जातिवाद-सांप्रदायिकता के लिए जगह नहीं...जब लाल किला से बतौर PM बोले थे नरेंद्र मोदी, देखें भाषण
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Independence Day Speech in Hindi 2022 (स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में 2022): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूदा समय के एक कुशल "कम्युनिकेटर" हैं। देश के किसी पिछड़े और कटे इलाके में जन सभा हो या फिर लाल किला की प्राचीर से 15 अगस्त को देश के नाम संबोधन...वह अपनी बात सरल-सहज और प्रभावशाली अंदाज में रखने के साथ महफिल में ध्यान आकर्षित करना जानते हैं। चूंकि, स्वतंत्रता दिवस नजदीक है और ऐसे में अगर आपको 15 अगस्त को कहीं भाषण देना हो तब आपके उनकी पुरानी स्पीच को देख-सुनकर मदद ले सकते हैं। सीख और समझ सकते हैं कि नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में लाल किले से बतौर पीएम क्या कुछ कहा था, क्या उनका तेवर-भाव-भंगिमा थी और किस तरह उन्होंने भाषण को पूरा किया था। आइए जानते हैं कि उनकी तब की स्पीच में क्या चीजें शामिल थीं:

साल 2015 मे देश के 69वें स्‍वतंत्रता दिवस पर पीएम ने भ्रष्‍ट्राचार खत्‍म करने और स्‍वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ (2022) तक भारत को विकसित राष्‍ट्र बनाने के लिए 125 करोड़ भारतीयों की टीम इंडिया के संकल्‍प को उजागर किया था। किले के प्राचीर से उन्होंने कहा कि 125 करोड़ भारतीयों की एकता, सादगी और भाईचारा इस देश की मजबूती है और हमारे समाज में जातिवाद और संप्रदायवाद का कोई स्‍थान नहीं है। प्रधानमंत्री ने विस्‍तार से बताया कि किस तरह सरकार की पहल से शासन के विभिन्‍न पक्षों से भ्रष्‍ट्राचार समाप्‍त हुआ। उन्‍होंने इस संदर्भ में कोयला, स्‍पेक्‍ट्रम तथा एफएम रेडियो लाइसेंस की नीलामी की चर्चा की। उन्‍होंने एलपीजी सब्‍सिडी के प्रत्‍यक्ष अंतरण के लिए पहल योजना की चर्चा की जिससे 15 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई।

उन्‍होंने कहा कि नीम चढ़ी यूरिया से सब्‍सिडी यूरिया को गैर कृषि उद्देश्‍यों में लगाने के काम को रोकने में मदद मिली है। उन्‍होंने स्‍वीकारा कि आम जन को अभी भी भ्रष्‍ट्रचार के कारण समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने भ्रष्‍ट्राचार को दीमक बताते हुए कहा था कि इसके इलाज के लिए साइट इफेक्‍ट के प्रभाव के साथ कड़वी दवा की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने सरकार के विभिन्‍न प्रयासों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि कैसे इन प्रयासों से बिचौलियों को समाप्‍त कर दिया गया है। सीबीआई ने पिछले वर्ष भ्रष्‍टाचार के 1,800 मामलें दर्ज हुये, जबकि इससे पहले के वर्ष में 800 मामले दर्ज हुये थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काले धन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए महत्‍वपूर्ण कदम उठाये गये है और विदेशों में जाने वाली बिना हिसाब किताब की आय को रोक दिया गया है। यही नहीं, उन्होंने किसानों के कल्‍याण की जरूरत पर जोर दिया और घोषणा की कि कृषि मंत्रालय का कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय रखा जाएगा। बताया कि उनकी सरकार का जोर कृषि उत्‍पादकता बढ़ाने, बिजली उपलब्‍ध कराने व किसानों को सिंचाई सुविधा देने पर है। 50,000 करोड़ रूपये के आबंटन के साथ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लॉन्‍च की गई है।

देखें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा भाषणः

प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष के स्‍वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में व्‍यक्‍त कुछ संकल्‍पों की भी याद दिलाई। उन्‍होंने कहा कि सभी स्‍कूलों में शौचालय बनाने का वायदा राज्यों के सहयोग से लगभग पूरा कर लिया है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना में 17 करोड़ बैंक खाते खोले जाने से वित्‍तीय समावेशन को बढ़ा प्रोत्‍साहन मिला है। जनधन खातों में जमा 20 हजार करोड़ रूपये गरीबों की अमीरी दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री ने अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति योजना सहित सरकार द्वारा शुरू की गई कल्‍याणकारी योजनाओं की भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने बच्‍चों को स्‍वच्‍छ भारत अभियान का सबसे बड़ा ब्रॉड एम्‍बेस्‍डर बताया और कहा कि इस अभियान से भारत के लोगों में गहरी रूचि पैदा हुई। प्रधानमंत्री ने ‘स्‍टार्ट-अप इंडिया’ कार्यक्रम की घोषणा की। यह कार्यक्रम भारत के युवाओं में उद्यमियता को प्रोत्‍साहित करेगा। उन्‍होंने कहा कि 1.25 लाख बैंक शाखाओं में से प्रत्‍येक शाखा को एक दलित या एक आदिवासी उद्यमी या कम से कम एक महिला उद्यमी को प्रोत्‍साहन देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा ‘स्‍टार्ट-अप इंडिया’, ‘स्‍टैंड-अप इंडिया’।

पूर्व सैनिकों की ‘एक रैंक, एक पेंशन’ की पुरानी मांग के बारे में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि इस मांग को सरकार द्वारा सिद्धान्‍त रूप में स्‍वीकार कर लिया गया है। उन्‍होंने कहा कि हितधारकों के साथ तौर-तरीकें तैयार किये जा रहे है। उन्‍होंने साकारात्‍मक परिणाम की आशा व्‍यक्‍त की। प्रधानमंत्री ने 2022 तक भारत को सभी के लिए मकान तथा बिजली जैसे बुनियादी सुविधायें देकर विकसित देश बनाने का सरकार के संकल्‍प को दोहराया। उन्‍होंने आने वाले एक हजार दिनों में बिजली से वंचित 1805 गांवों को बिजली कनेक्‍शन से जोड़ने के सरकार के संकल्‍प को व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने पूर्वी भारत के विकास के विजन को भी व्‍यक्‍त किया। 

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