दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर (Nana Patekar) के निधन के बाद उनकी आखिरी बातचीत से जुड़ी एक ऐसी बात सामने आई है, जो उनके चाहने वालों को भावुक कर देगी। दिग्गज अभिनेता ‘तिरंगा’ (Tirangaa) के सीक्वल को लेकर काफी उत्साहित थे और फिल्म की कहानी पर भी चर्चा कर रहे थे। एनएच स्टूडियोज के निर्माता श्रेयांस हिरावत ने बताया कि नाना इस फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए तैयार थे और उनके पास कहानी को लेकर कई विचार भी थे। नाना ने श्रेयांस से मुंबई लौटने के बाद मिलने के लिए भी कहा था, लेकिन यह मुलाकात कभी नहीं हो सकी। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Ranabaali Trailer: गांव को बचाने अंग्रेजों से भिड़े विजय देवरकोंडा, रश्मिका मंदाना ने दिया साथ)
तिरंगा के सीक्वल को लेकर हुई थी बात
श्रेयांस ने जूम टीवी से बातचीत में बताया कि नाना के निधन की खबर उन्हें सुबह करीब 7:45 बजे संदेश के जरिए मिली। कनाडा के एक पत्रकार से आई खबर देखकर वह पूरी तरह हैरान रह गए। पहले उन्हें इस खबर पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत मल्हार को फोन किया। फोन पर बात नहीं हो सकी, लेकिन कुछ देर बाद मिले संदेश ने उस खबर की पुष्टि कर दी, जिसे वह सच नहीं मानना चाहते थे। नाना के साथ हुई आखिरी बातचीत श्रेयांस के जेहन में लगातार चलती रही। उन्हें सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का था कि वह नाना से दोबारा मिलने का मौका नहीं पा सके। उन्हें लगा था कि नवरात्रि के दौरान मुंबई लौटने के बाद वह आराम से नाना से मुलाकात करेंगे, लेकिन जिंदगी ने उन्हें यह मौका नहीं दिया।
श्रेयांस ने बताया कि वह नाना के संपर्क में थे और ‘द कन्फेशन ऑफ मैरी’ के टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शन के बाद भी उनकी बातचीत हुई थी। नाना फिल्म के प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे, लेकिन लंबी यात्रा की वजह से वहां नहीं जा सके। इसके बावजूद वह फिल्म को लेकर काफी उत्सुक थे और जानना चाहते थे कि दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही। फिल्म को मिली अच्छी प्रतिक्रिया के बारे में सुनकर नाना काफी खुश हुए थे। इसी बातचीत के दौरान ‘तिरंगा’ के सीक्वल का मुद्दा भी उठा। श्रेयांस के मुताबिक, नाना हमेशा की तरह ऊर्जा और नए विचारों से भरे हुए थे। उन्होंने पटकथा के कुछ हिस्सों पर चर्चा की और अपने सुझाव भी दिए। इससे साफ था कि वह सिर्फ पुरानी फिल्म को दोहराने के बजाय कहानी को आगे ले जाने में दिलचस्पी रखते थे। श्रेयांस ने नाना की आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि उस समय नाना बिल्कुल स्वस्थ और उत्साहित लग रहे थे। बातचीत में ऐसा कुछ भी नहीं था, जिससे उन्हें अंदाजा हो पाता कि नाना के साथ यह उनकी आखिरी बातचीत बनने वाली है।
