Gorakhpur: उर्दू बाजार हुआअब हिंदी बाजार तो अली नगर बना आर्य नगर, CM योगी के शहर में बदले गए 50 वार्डों के नाम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 4, 2022, 09:13 AM IST

गोरखपुर नगर निगम में अब कुल 80 वार्ड होंगे। खास बात यह है कि ज्यादातर मुस्लिम नाम वाले वार्डों का नया नामकरण किया गया है। कई पुराने बाजार अब नए नाम से जाने जाएंगे।

Gorakhpur: उर्दू बाजार हुआअब हिंदी बाजार तो अली नगर बना आर्य नगर, CM योगी के शहर में बदले गए 50 वार्डों के नाम

Gorakhpur News: सीएम योगी अदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में आधे से ज्यादा वार्डों का नाम बदल दिया गया है। गोरखपुर में हुए इस उलटफेर में वार्डों का परिसीमन हुआ है लेकिन सबसे बड़ा बदलाव नाम को लेकर है। जिले में अब वार्डों की संख्या 70 से बढ़कर 80 हो गई हैं। इन अस्सी में से 50 के नाम बदल दिए गए हैं। दरअसल गोरखपुर नगर निगम के परिसीमन के प्रारुप को शासन की मंजूरी मिल गई है। इस परिसीमन में 32 गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया है।

विभूतियों के नाम पर शहर

इन गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद वार्डों की संख्या 70 से बढ़कर 80 हो गई है। नए बने दस वार्डों के साथ 40 पुराने वार्डों का नाम महापुरषों और शहीदों के नाम पर रखा गया है।इनमें भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, फिराक गोरखपुरी, दिग्विजयनाथ और मत्स्येंन्द्र नाथ के नाम पर भी कई वार्डों के नाम होंगे।इसी तरह उर्दू बाजार जिसे अब हिंदी बाजार कहा जाएगा।दरअसल चुनाव से पहले भी कई बार सीएम योगी ने ऐसे संकेत दिए थे और अब चुनाव के बाद उन्होने नाम बदलने का अपना वादा पूरा किया है।

नामों में हुआ बदलाव

पुर्दिलपुर का नाम विजय चौक,  मुफ्तीपुर वार्ड अब घंटाघर के नाम से जाना जाएगा। इसी तहर जनप्रिय विहार का नाम दिग्विजयनाथ, घोषीपुरवा का नाम राम प्रसाद बिस्मिल, शेखपुर वार्ड गीता प्रेस के नाम से जाना जाएगा। रेलवे कालोनी वार्ड का वजूद खत्म कर इसे मैत्रीपुरम नाम दिया गया है। मोहद्दीपुर में सिख समुदाय की अधिक आबादी को देखते हुए इसका नाम भगत सिंह वार्ड कर दिया गया है।

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