फॉक्सकॉन- वेदांता के बहाने बीजेपी पर विपक्षी हमला, आश्चर्य नहीं होगा अगर गुजरात का हिस्सा बन जाए मुंबई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 15, 2022, 07:59 AM IST

महाराष्ट्र की सियासत में इस समय फॉक्सकॉन-वेदांता प्रोजेक्ट का मुद्दा छाया हुआ है। कांग्रेस का आरोप है कि गुजरात के नेताओं को खुश करने के लिए महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं और सरकार ने रुचि नहीं ली।

फॉक्सकॉन- वेदांता के बहाने बीजेपी पर विपक्षी हमला, आश्चर्य नहीं होगा अगर गुजरात का हिस्सा बन जाए मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय 1.54 लाख करोड़ का फॉक्सकॉन-वेदांता प्रोजेक्ट छाया हुआ है। बता दें कि यह प्रोजेक्ट गुजरात सरकार के हाथ लगा है और विपक्षी दलों के निशाने पर एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फड़णवीस की सरकार है। कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष नाना पटोले ने तो यहां तक कहा कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा यदि आने वाले समय में मुंबई, गुजरात का हिस्सा हो जाए। यह प्रोजेक्ट गुजरात को गया है क्योंकि महाराष्ट्र में बीजेपी के नेता दिल्ली में अपने आकाओं को खुश करने में अधिक रुचि रखते हैं।

ताकि गुजरात के नेताओं का बना रहे आशीर्वाद
महाराष्ट्र बीजेपी के नेता चाहते हैं कि गुजरात के उनके नेताओं का आशीर्वाद बना रहे। अगर मुंबई कल गुजरात जाती है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा। महाराष्ट्र में ऐसी स्थिति पैदा हो गई है, ”पटोले ने कहा।उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र की सरकारों पर हमला बोला, जिसमें बीजेपी एक प्रमुख सहयोगी है।कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के 15 जिलों में राशन की दुकानों में स्टॉक नहीं है।अन्य जिलों में राशन की दुकानों का स्टॉक खत्म होने को है, लेकिन केंद्र सरकार ने मदद करने से इनकार कर दिया है. क्या गरीबों को बिना भोजन के रहना चाहिए?

एक नजर में फॉक्सकॉन- वेदांता निवेश

  • वेदांता ग्रुप ने गुजरात में सेमी कंडक्टर की फैक्ट्री लगाने की घोषणा की है। 
  • ताइवान की फैक्ट्री फॉक्सकॉन सहयोगी है
  • इस प्रोजेक्ट पर करीब 20 अरब की लागत आने का अनुमान
  • गुजरात सरकार ने सस्ती बिजली और गैर वित्तीय सब्सिडी दी
  • अहमदाबाद के नजदीक लगाया जाएगा प्लांट
  • पहले इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र में लगाया जाना था
  • महाविकास अघाड़ी सरकार ने की थी कवायद
  • एकनाथ शिंदे-फडणवीस सरकार से कंपनी के अधिकारियों ने मुलाकात की
  • तालेगांल फेज चार में करीब 1हजार एकड़ जमीन देने पर सहमति बनी।
  • लेकिन प्रोजेक्ट गुजरात में चला गया।

आजाद भारत के इतिहास में सबसे बड़ा निवेश !

इस प्रोजेक्ट को इसलिए महाराष्ट्र के लिए झटका माना जा रहा है कि क्योंकि इससे ना सिर्फ 1.54 लाख करोड़ का निवेश होता बल्कि हजारों की संख्या में नौकरियों का सृजन होता। इसे आजाद भारत के इतिहास में सबसे बड़ा निवेश बताया जा रहा है। 

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