Video: गलवान में घायल जवान के पिता की राहुल को नसीहत- ना करें राजनीति, चीन को हरा सकती है हमारी सेना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 20, 2020, 11:14 AM IST

Galwan Valley Clash: बीते दिनों पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प में 20 जवान शहीद हो गए थे और कई घायल हुए थे। अब एक घायल जवान के पिता का वीडियो सामने आया है

Video: गलवान में घायल जवान के पिता की राहुल को नसीहत- ना करें राजनीति, चीन को हरा सकती है हमारी सेना

नई दिल्ली: बीते 15 और 16 जून की रात को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए जिसमें एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल थे। चीन द्वारा अचानक किए गए इस हमले के बाद देशभर में चीन के खिलाफ विरोध तेज हो चला है। इस बीच चीन के इस हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब राहुल गांधी को गलवान हिंसा में घायल हुए एक सैनिक के पिता ने नसीहत देते हुए कहा है कि इसमें राजनीति ना करें।

घायल जवान के पिता ने कही ये बात

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में घायल हुए सैनिक के पिता कहते हैं, 'भारतीय सेना मजबूत सेना है। चीन को हरा सकती है और भी देशों को भी हरा सकती है। राहुल गांधी जी आप नेतागिरी मत करना ये राजनीति अच्छी नहीं है। हमारा छोरा पहले भी फौज में लड़ा है और फिर और लड़ेगा शेर की तरह। भगवान चाहे तो वो ठीक हो जाएगा लेकिन फिर भी लड़ेगा।' दरअसल यह वीडियो राहुल गांधी के उस ट्वीट का जवाब माना जा रहा है जिसमें उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि पीएम के बचाव के लिए मंत्री झूठ बोल रहे हैं।

अमित शाह ने राहुल पर साधा निशाना

घायल जवान के पिता के वीडियो को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी रिट्वीट किया है। शाह ने लिखा, 'एक बहादुर सैनिक के पिता बोलते हैं और उनका श्री राहुल गांधी के लिए एक बहुत स्पष्ट संदेश है। ऐसे समय में जब पूरा देश एकजुट है, श्री राहुल गांधी को भी क्षुद्र राजनीति से ऊपर उठना चाहिए और राष्ट्रीय हित के साथ एकजुटता में खड़े होना चाहिए।'

सोनिया गांधी ने किए थे सवाल

 इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी के साथ हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान सवाल करते हुए कहा था, 'आज की स्थिति में भी हम इस संकट के कई महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में अनभिज्ञ हैं। ऐसे में हम सरकार से सवाल करना चाहते हैं कि किस तारीख को चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की? सरकार को इस बारे में कब जानकारी मिली? क्या यह पांच मई को हुआ था जैसा कि कुछ खबरों में कहा गया है या फिर इससे पहले?'

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