Sanjay Raut News: मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम उनके मुंबई स्थित आवास पर पहुंची हैं जहां उनसे पूछताछ कर रही है। इस बात की भी संभावना है कि ईडी की टीम उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ईडी दफ्तर ले जा सकती है। इससे पहले राउत को ईडी ने पूछताछ के लिए 24 जुलाई का समन जारी किया था लेकिन वो ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे थे।
इस बीच संजय राउत ने एक के बाद एक नौ ट्वीट कर कहा, 'महाराष्ट्र और शिवसेना की लड़ाई जारी रहेगी, ...झूठी कार्रवाई, झूठे सबूत...मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा...मैं मर भी जाऊं, मैं आत्मसमर्पण नहीं करूंगा...मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। हम बाला साहेब के शिष्य हैं किसी से नहीं डरता हूं।' वहीं ईडी की छापेमारी के बाद शिवसेना कार्यकर्ता संजय राउत के बाहर एकत्र होने लगे हैं।
संजय राउत नहीं कर रहे हैं सहयोग!
राउत ने ईडी को संसद सत्र का हवाला देते हुए 7 अगस्त तक का समय दिया था। आज सुबह जब ईडी की टीम उनके घर पर पहुंची तो संजय राउत घर पर ही मौजूद थे। कहा जा रहा है कि इससे पहले जब भी ईडी ने संजय राउत से पूछताछ की थी तो कहा गया कि वो पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। संजय राउत तीन बार लगातार ईडी का समन खारिज कर चुके हैं। आज उनके घर ईडी के करीब 4-5 अधिकारी पहुंचे हैं। सूत्रों की मानें तो जांच में सहयोग नहीं करने पर ईडी राउत को हिरासत में भी ले सकती है। राउत पर 1034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल घोटाले में शामिल होने का शक है। ईडी इस मामले में दादर और अलीबाग में राउत की संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है।
पहले भी कर चुकी है पूछताछ
संजय राउत ने कुछ भी गलत करने से इनकार किया है और आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने अप्रैल में जांच के तहत राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इससे पहले इसी महीने की 1 तारीख को शिवसेना नेता संजय राउत धनशोधन के मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए और 10 घंटे से अधिक समय बाद बाहर निकले थे।

